ईरानी जहाज़ पर ड्रोन हमला: यूक्रेन ने 'गलती' मानी, तेहरान ने जवाबी कार्रवाई रोकी
ईरान के एक शीर्ष सैन्य सलाहकार ने खुलासा किया है कि पिछले सप्ताह कैस्पियन सागर में अपने एक मालवाहक जहाज़ पर हुए हमले के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर यूक्रेन के तीन ठिकानों पर हमला करने की…
ईरान के एक शीर्ष सैन्य सलाहकार ने खुलासा किया है कि पिछले सप्ताह कैस्पियन सागर में अपने एक मालवाहक जहाज़ पर हुए हमले के बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर यूक्रेन के तीन ठिकानों पर हमला करने की योजना बना ली थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह योजना तब रोक दी गई जब कीव ने दावा किया कि यह हमला एक 'गलती' थी।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने प्रेस टीवी को दिए एक साक्षात्कार में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जवाबी हमले की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन कीव द्वारा इसे गलती बताए जाने के बाद इसे टाल दिया गया। हालांकि, रेजाई ने स्पष्ट किया, "अगर यह गलती से भी हुआ हो, तब भी मुआवजे की उम्मीद की जाती है।"
हमले और उसके बाद की स्थिति
पिछले सप्ताह ईरान ने आरोप लगाया था कि यूक्रेन ने उसके एक व्यापारिक जहाज़ को निशाना बनाया, जो लोहे का सामान ले जा रहा था। इस हमले में जहाज़ के चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। इसके विपरीत, इटली की समाचार एजेंसी एडनक्रोनोस के अनुसार, कीव ने कहा था कि उसने कैस्पियन सागर में सैन्य सामग्री ले जा रहे दो रूसी जहाज़ों पर ड्रोन हमले किए थे।
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके यूक्रेनी समकक्ष के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद स्थिति कुछ शांत हुई। अराघची के अनुसार, यूक्रेन ने ईरान को भरोसा दिलाया कि हमला जानबूझकर नहीं किया गया था।
ईरान का कड़ा रुख और यूरोपीय संघ से अपील
घटना के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया था। विदेश मंत्री अराघची ने 26 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर हमला किया, जिसमें एक नाविक की जान चली गई। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम इज़राइल के इशारे पर यूरोप को युद्ध में घसीटने के लिए किया गया।
इससे पहले, 25 जुलाई को ईरानी विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास से फोन पर बात कर इस मामले में 'निर्णायक' कदम उठाने की मांग की थी। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्र के ताज़ा घटनाक्रम पर भी चर्चा की थी।
इनपुट: IANS



