नीरव मोदी की जमानत याचिका पर UK कोर्ट का आया फैसला

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ब्रिटेन उच्च न्यायालय ने पीएनबी धोखाधड़ी मामलें के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को बुधवार 12 जून, 2019 को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इससे पहले मंगलवार 11 जून, 2019 को लंदन में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में तीन घंटे से अधिक की सुनवाई के बाद नीरव मोदी की जमानत याचिका मंगलवार को बिना किसी प्रस्ताव के समाप्त हो गई।।

यह यूनाइटेड किंगडम कोर्ट का फैसला चौथी बार है जब नीरव मोदी को जमानत देने से मना किया गया है। इस साल ही लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी को तीन बार जमानत देने से इनकार कर दिया था।

नीरव मोदी की जमानत याचिका पर लंदन में रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने कहा था कि यह संभव है कि अगर नीरव मोदी को जमानत मिल जाती है तो वह सबूतों में छेड़छाड़ कर सकता है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा, “जिस तरह से उसने (नीरव मोदी) ने धोखाधड़ी की है, वह जानता था कि यह दिन आ रहा है।

वह जमानत पाने के लिए नकदी सेक्योरटी की पेशकश कर रहा है, जो 500,000 यूरो से शुरू हुई थी, जो अब 2 मिलियन यूरो तक पहुंच गई है।”

एएनआई के अनुसार, न्यायाधीश ने कहा था कि नीरव मोदी को एक अच्छी तरह से डिजाइन की गई कानूनी टीम मिली है जो प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए भारत सरकार का सामना करने की तैयारी कर रही है।

क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने जज की समझ की पुष्टि की है कि डमी पार्टनर्स को लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (LoUs) जारी कर पैसा अलग-अलग कंपनियों को दिया गया था।

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नीरव मोदी के केस को हैंडल करने वाले वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने कहा है कि नीरव मोदी यहां पूंजी जुटाने के लिए आएं हैं और वह या भी चाहते हैं कि अगर उन्हें जमानत मिल जाती है तो उन्हें आप इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ट्रैक कर सकते हैं उन्हें इस बात से कोई प्रॉब्लम नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे और बेटी अपने संबंधित विश्वविद्यालय के पढाई के नए सत्र के लिए यहां आ रहे हैं।