शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

शिवसेना (UBT) के कई विधायक शिंदे गुट के संपर्क में, 'विलेन' बनकर खुश हूं: मंत्री प्रताप सरनाईक

महाराष्ट्र की राजनीति में एक और उथल-पुथल के संकेत देते हुए, राज्य के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। समाचार…

शिवसेना (UBT) के कई विधायक शिंदे गुट के संपर्क में, 'विलेन' बनकर खुश हूं: मंत्री प्रताप सरनाईक
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र की राजनीति में एक और उथल-पुथल के संकेत देते हुए, राज्य के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। समाचार एजेंसी IANS को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' का हिस्सा बताया, हालांकि उन्होंने इसकी कोई निश्चित तारीख या संख्या बताने से इनकार कर दिया।

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सरनाईक ने कहा कि कांग्रेस के साथ जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा से दूरी बना ली, जो 2019 के बाद कई नेताओं की नाराजगी का कारण बनी। उनके अनुसार, पहले भी कई नेताओं ने इसी वजह से पार्टी छोड़ी थी और अब जो विधायक उद्धव गुट में हैं, उन्हें अपनी 'राजनीतिक गलती' का एहसास हो रहा है और वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होना चाहते हैं।

विलेन की भूमिका पर क्या बोले सरनाईक

विधायकों की बगावत में अपनी भूमिका पर प्रताप सरनाईक ने एक दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "अगर लोग मुझे विलेन समझते हैं तो मैं विलेन ही सही और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें विलेन बनना पड़े, तो उन्हें इसमें खुशी है। सरनाईक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य ठाकरे परिवार को राजनीति से खत्म करना नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि अब उद्धव ठाकरे का महत्व कम होता जा रहा है।

सामाजिक मुद्दों पर राय

साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कुछ अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे बयानों पर उन्होंने मंत्री नितेश राणे से असहमति जताई। सरनाईक ने कहा कि ऐसे बयान अक्सर प्रचार पाने के लिए दिए जाते हैं और त्योहारों पर अनावश्यक विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा आयोजित दही हांडी और गणपति उत्सवों में मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल होते हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें मुस्लिमों के प्रति सद्भाव को हिंदू मूल्यों से जोड़ा गया था।

इसके अलावा, मराठी भाषा से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि 15 साल पहले यूपी-बिहार जैसे राज्यों में रोजगार की कमी के कारण लोग मुंबई आए और शहर ने उन्हें अपनाया। ऐसे में उनसे व्यावहारिक मराठी सीखने के लिए कहना कुछ भी गलत नहीं है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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