बुधवार, 24 जून 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

पीरियड्स की समस्या को आर्युवेदिक से ठीक करने के लिए आजमाए ये उपाय?

महिला की माहवारी में अनियमितता के पीछे सबसे अधिक जिम्‍मेदार कारक अस्‍वस्‍थ खानपान और खाने का ठीक से न पचना है।

पीरियड्स की समस्या को आर्युवेदिक से ठीक करने के लिए आजमाए ये उपाय?

महिला की माहवारी में अनियमितता के पीछे सबसे अधिक जिम्‍मेदार कारक अस्‍वस्‍थ खानपान और खाने का ठीक से न पचना है। अगर खाना सही तरीके से नहीं पच पाया तो यह शरीर में मौजूद टॉक्सिंस के उत्‍पादन को प्रभावित करता है।महिलाओं की समस्या यही होती है कि जैसे ही पीरियड्स शुरू होते हैं उन्हें असुविधा, बेचैनी, दर्द, क्रैम्प्स, हर तरह की परेशानी महसूस होने लगती है।

विज्ञापन

यही टॉक्सिंस रक्‍त कोशिकाओं में मिल जाता है जिसके कारण खून में रुकावट और ठहराव हो जाता है।पीरियड्स के दौरान आपके गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और फिर रिलैक्स होती हैं ताकि गर्भाशय की दीवार पर तो ब्लड की लाइनिंग बन रही है उसके भार और प्रेशर को कम किया जा सके।

periods treatment

इस दौरान गर्भाशय की मांसपेशियां लगातार काम कर रही होती हैं इसलिए आपको दर्द और क्रैम्प्स फील होते हैं। कुछ फीमेल्स को तो पीरियड्स के दौरान सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना और डायरिया जैसी दिक्कतें भी हो जाती हैं। आयुर्वेद के जरिये पाचन संबंधी इन्‍हीं विकारों को दूर करके अनियमित माहवारी को नियमित किया जा सकता है।

health facts

यह भी पढ़ें : जानिए यूरिक एसिड के बढ़ने से कैसे रोका जाए तथा बढ़ने पर इसका उपचार ?

किशमिश - पुरानी किशमिश को 3 ग्राम की मात्रा में लेकर इसे लगभग 200 मिली पानी में रातभर भिगोयें, सुबह इसे उबालकर रख लें। जब यह एक चौथाई की मात्रा में रह जाए तो छानकर इसका सेवन कीजिए।

तिल - काला तिल 5 ग्राम लेकर गुड़ में मिलाकर माहवारी शुरू होने से 4 दिन पहले सेवन करें, जब मासिक धर्म शुरू हो जाए तो इसे बंद कर दें, इससे माहवारी न तो देर से आयेगी और न ही अनियमित होगी।

सौंफ - न सिर्फ माउथ फ्रेशनर का काम करती है बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। सौंफ की ठंडक पेट की कई समस्याओं में राहत दिलाती है। पीरियड्स जब शुरू हों उस दिन से लेकर 3 दिन तक अगर आप हर दिन 30 मिलीग्राम सौंफ का दिनभर में 4 बार सेवन करें तो इससे भी पीरियड्स के दर्द में राहत मिलती है।

चौलाई की जड़ - चौलाई की जड़ को छाया में सुखाकर बारीक पीस लीजिये, इसे लगभग 5 ग्राम मात्रा में सुबह के समय खाली पेट माहवारी शुरू होने से लगभग 7 दिनों पहले सेवन कीजिए। जब मासिक-धर्म शुरू हो जाए तो इसका सेवन बंद कर दीजिए, इससे मासिक धर्म समय पर होगा।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. यह खबर इंटरनेट से ली गयी है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Today latest news in hindi के लिए लिए हमे फेसबुक , ट्विटर और इंस्टाग्राम में फॉलो करे | Get all Breaking News in Hindi related to live update of politics News in hindi , sports hindi news , Bollywood Hindi News , technology and education etc.

S

Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →