केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने पर राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 23 जून को प्रधानमंत्री की सलाह पर इसे स्वीकार कर लिया। कुरियन अल्पसंख्यक मामलों और पशुपालन मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे थे। राजनीतिक हलकों में केरल चुनाव के प्रदर्शन को उनके पुनः नामित न होने का कारण माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर 23 जून 2026 को उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
मंत्रिपरिषद से विदाई और कार्यकाल
जॉर्ज कुरियन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में अगस्त 2024 से दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों में राज्य मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे। उनके पास अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का भी राज्य मंत्री का प्रभार था। उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के प्रावधानों के तहत, प्रधानमंत्री की अनुशंसा पर राष्ट्रपति ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और अटकलें
रिपोर्ट्स के अनुसार, 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन भारतीय जनता पार्टी के सबसे पुराने सदस्यों में से एक हैं और 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही इससे जुड़े हुए हैं। वह पेशे से उच्चतम न्यायालय में वकील भी हैं। जानकारी के मुताबिक, वह संभवतः केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र मंत्री थे।
यह भी उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी ने 18 जून 2026 को हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। उनके अलावा एक अन्य केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी पार्टी ने दोबारा नामित नहीं किया था। राजनीतिक हलकों में यह दावा किया जा रहा है कि कुरियन को फिर से राज्यसभा न भेजने के फैसले के पीछे केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा का कमजोर प्रदर्शन एक वजह हो सकती है। हालांकि, इस पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।



