अमेरिका: डाक से मतदान पर ट्रंप प्रशासन के नए नियमों पर अदालत ने लगाई रोक, जज ने कहा - मतदाताओं के अधिकार पर पड़ेगा गंभीर असर
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले, डाक द्वारा मतदान (मेल-इन वोटिंग) को लेकर ट्रंप प्रशासन और न्यायपालिका के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। एक संघीय अदालत ने अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को…
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले, डाक द्वारा मतदान (मेल-इन वोटिंग) को लेकर ट्रंप प्रशासन और न्यायपालिका के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। एक संघीय अदालत ने अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को मेल-इन मतपत्रों से जुड़े नए प्रतिबंधों को लागू करने से रोक दिया है। यह फैसला मतदाताओं के मताधिकार पर पड़ने वाले गंभीर असर की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, संघीय जिला जज इंदिरा तलवानी ने इस मामले में एक प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की है। ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश के ज़रिए डाक मतपत्रों की प्रक्रिया के लिए कई नए नियम बनाए थे। इनमें राज्यों के लिए मेल-इन वोटिंग करने वाले मतदाताओं की सूची पहले से जमा कराने और मतपत्रों पर एक विशेष बारकोड व निर्धारित डिज़ाइन की शर्तें शामिल थीं। आशंका थी कि इन नियमों का पालन न करने वाले मतपत्रों की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है।
चुनाव प्रक्रिया के बीच बदलाव अनुचित
जज इंदिरा तलवानी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह मामला अब केवल एक काल्पनिक संभावना नहीं रह गया है। एबीसी न्यूज के मुताबिक, उन्होंने कहा कि नवंबर के चुनाव के लिए कई राज्यों में मतपत्र भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अदालत का मानना है कि इस समय नियमों में कोई भी बदलाव मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर गंभीर रूप से असर डाल सकता है।
कानूनी लड़ाई जारी
यह अदालती रोक ट्रंप प्रशासन और विभिन्न राज्यों के बीच चुनावी अधिकारों को लेकर चल रही एक लंबी कानूनी लड़ाई का हिस्सा है। प्रशासन ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है, ताकि नए प्रतिबंधों को फिर से बहाल किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील पर जवाब देने के लिए राज्यों को 8 सितंबर तक का समय दिया है।
इससे पहले, 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की एक शुरुआती रोक को हटाकर डाक सेवा को इन नियमों को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति दी थी, हालांकि तब उसने नियमों की संवैधानिक वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया था। यह कानूनी अनिश्चितता ऐसे समय में आई है जब उत्तरी कैरोलिना जैसे राज्यों में 2026 के मध्यावधि चुनाव के लिए डाक मतपत्र मतदाताओं को भेजे जाने शुरू हो गए हैं, जिससे चुनाव अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
इनपुट: IANS



