उत्तर कोरिया से बातचीत की राह पर अमेरिका? ट्रंप ने किम जोंग उन से 'सकारात्मक जवाब' मिलने का दावा किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव पर "बहुत सकारात्मक" प्रतिक्रिया दी है। यह बयान दोनों देशों के बीच रुकी हुई कूटनीति को फिर…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके बातचीत के प्रस्ताव पर "बहुत सकारात्मक" प्रतिक्रिया दी है। यह बयान दोनों देशों के बीच रुकी हुई कूटनीति को फिर से शुरू करने की अटकलों को हवा दे रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह खुलासा नहीं किया कि किम से यह संपर्क कब और कैसे हुआ, या उनके बीच क्या बातचीत हुई।
सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस विषय पर जोर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जब उनसे पूछा गया कि किम ने अब तक जवाब क्यों नहीं दिया, तो उन्होंने पलटकर कहा, “आपको कैसे पता कि उन्होंने जवाब नहीं दिया?” इसके बाद उन्होंने पुष्टि की कि किम का जवाब मिल चुका है। ट्रंप ने किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई नेता ने हमेशा उनके साथ "बहुत सम्मान" से व्यवहार किया है और वे एक-दूसरे को समझते हैं।
सैन्य अभ्यास में कमी और बातचीत की पेशकश
ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में आया है जब उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों में "काफी कमी" करने का आदेश दिया है। प्योंगयांग लंबे समय से इन सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताकर इनका विरोध करता रहा है। ट्रंप ने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि यह अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया को "अनुचित और शत्रुतापूर्ण" संकेत देते हैं।
इसी बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के साथ "बिना किसी पूर्व शर्त" के बातचीत के लिए तैयार है। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के इन कदमों को उत्तर कोरिया के साथ संवाद दोबारा शुरू करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उत्तर कोरिया की तरफ से ट्रंप के दावे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पहले भी हो चुकी हैं तीन मुलाकातें
डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन अपने पहले कार्यकाल के दौरान तीन बार मिल चुके हैं। उनकी पहली ऐतिहासिक मुलाकात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी। इसके बाद दोनों नेता फरवरी 2019 में हनोई में और फिर जून 2019 में पनमुनजोम में मिले थे। ट्रंप के ताजा बयानों से 2018-19 के दौर की व्यक्तिगत कूटनीति के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं क्योंकि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा चुका है और रूस के साथ उसके सैन्य संबंध भी मजबूत हुए हैं।
इनपुट: IANS



