अंकित शर्मा हत्याकांड: उम्रकैद की सजा के खिलाफ दोषी जावेद हाईकोर्ट पहुंचा, दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में एक दोषी ने अपनी उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है…
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में एक दोषी ने अपनी उम्रकैद की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दोषी जावेद की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख तय की है।
जावेद को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के साथ 31 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब जावेद ने निचली अदालत के इसी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
याचिका में क्या दलील दी गई?
जावेद के वकील का तर्क है कि निचली अदालत ने भी अपने आदेश में यह माना था कि अभियोजन पक्ष घटना के समय आरोपी की सटीक भूमिका साबित करने में विफल रहा। इसी आधार पर सजा को चुनौती दी गई है। दूसरी ओर, ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने भी पहले कहा था कि वे सभी दोषी हाईकोर्ट जाएंगे, क्योंकि हत्या में किसी की भी सीधी भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं था।
क्या था अंकित शर्मा हत्याकांड?
दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनका शव चांदबाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उनके शरीर पर चाकुओं से 40 से ज्यादा बार वार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया था कि अंकित की हत्या बेहद क्रूरता से की गई थी।
दोनों पक्षों का रुख
जहां एक तरफ दोषियों ने ऊपरी अदालत में अपील की है, वहीं अंकित शर्मा के परिवार का कहना है कि वे इस कानूनी लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि यह 'दुर्लभतम' मामला था और दोषियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए थी। सजा के ऐलान के बाद ताहिर हुसैन ने भी कहा था कि वह फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



