लखीसराय भगदड़: प्रशांत किशोर ने पीड़ितों से मिलकर प्रशासन को घेरा, पूछा- 7 मौतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में हुए भगदड़ हादसे के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को प्रभावित परिवारों और घायलों से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार…
बिहार के लखीसराय स्थित अशोकधाम मंदिर में हुए भगदड़ हादसे के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को प्रभावित परिवारों और घायलों से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों का हाल जानने के बाद उन्होंने इस घटना को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए और अब तक किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई न होने को लेकर नाराज़गी जताई।
किशोर ने कहा कि सात लोगों की जान चली गई, लेकिन अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी या थानेदार, किसी पर भी जवाबदेही तय नहीं हुई। एक हवलदार या कॉन्स्टेबल तक निलंबित नहीं हुआ है।"
मुआवजे से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में दुर्घटनाओं के बाद केवल मुआवजा देकर मामले को खत्म करने की एक प्रवृत्ति बन गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता मिलना उनका अधिकार है, लेकिन यह सरकार की जिम्मेदारी का अंत नहीं है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भीड़ प्रबंधन पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि सावन के महीने में, विशेषकर सोमवार को, मंदिर में भारी भीड़ होने की जानकारी प्रशासन को पहले से थी। उन्होंने कहा कि लोगों से बातचीत के आधार पर यह साफ लगता है कि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी गंभीरता और संवेदनशीलता नहीं दिखाई। किशोर के मुताबिक, मौके पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और भीड़ प्रबंधन की कोई उचित योजना नहीं थी।
जांच और इलाज की व्यवस्था पर भी प्रश्न
जन सुराज नेता ने हादसे के बाद दिए गए जांच के आदेश को भी 'खानापूर्ति' बताया। उन्होंने सवाल किया कि यह स्पष्ट नहीं है कि जांच कौन कर रहा है और किन अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल हो रही है। इसके अलावा, उन्होंने घायलों के इलाज की व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने दावा किया कि कई घायल सरकारी अस्पताल की व्यवस्था से नाखुश होकर अपने घर या निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हुए। प्रशांत किशोर ने कहा कि वे हलसी भी जाएंगे, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु की सूचना है, ताकि वे प्रभावित परिवार से मिल सकें।
इनपुट: IANS



