PoK में मानवाधिकार हनन पर गंभीर चिंता, UKPNP ने UN से की तत्काल हस्तक्षेप की अपील
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को लेकर यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को लेकर यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने पाकिस्तानी सेना पर आम लोगों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
यूकेपीएनपी ने क्षेत्र में हो रही न्यायेत्तर हत्याओं, लोगों के अपहरण, मनमाने ढंग से की जा रही गिरफ्तारियों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के दमन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने मांग की है कि पाकिस्तान को PoK में आम नागरिकों के खिलाफ "अत्यधिक बल प्रयोग" करने से रोका जाए और उस पर दबाव बनाया जाए।
गंभीर आरोप और जांच की मांग
संगठन ने अपने एक बयान में कहा, “न्यायेत्तर हत्याओं, लोगों को अगवा करने, यातना, गैर-कानूनी हिरासत, अत्यधिक बल प्रयोग, और घरों, दुकानों, बिजनेस और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या तोड़फोड़ के आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए।” यूकेपीएनपी ने इस बात पर जोर दिया कि इन आपराधिक कार्यों में शामिल लोगों को एक निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए पार्टी ने बताया कि इस साल 5 जून से अब तक दर्जनों आम नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। कई परिवार अब भी उन लोगों के बारे में जानकारी मांग रहे हैं जिन्हें विरोध प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सेना ने जबरन गायब कर दिया था।
संचार सेवाओं की बहाली और अन्य मांगें
यूकेपीएनपी ने PoK में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और अन्य संचार सेवाओं पर लगी पाबंदियों को तत्काल हटाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इन प्रतिबंधों के कारण पूरा समुदाय अलग-थलग पड़ गया है और विदेश में रहने वाले लाखों कश्मीरी अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
इसके अलावा, पार्टी ने पाकिस्तानी अधिकारियों से हिरासत में लिए गए और गायब हुए सभी लोगों के बारे में तत्काल जानकारी सार्वजनिक करने को कहा है। उन्होंने मांग की कि कैदियों को उनके परिवार, वकील और चिकित्सा सहायता तक पहुंच दी जाए। साथ ही, केवल शांतिपूर्वक अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी मांग की कि मारे गए प्रदर्शनकारियों के शव बिना किसी शर्त के उनके परिवारों को सौंपे जाएं ताकि वे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर सकें।
इनपुट: IANS



