ट्रांस-अरुणाचल हाईवे घोटाला: ED ने 6.77 करोड़ रुपये की तीन बड़ी संपत्तियां ज़ब्त कीं
अरुणाचल प्रदेश में चर्चित ट्रांस-अरुणाचल हाईवे (TAH) भूमि मुआवज़ा घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम…
अरुणाचल प्रदेश में चर्चित ट्रांस-अरुणाचल हाईवे (TAH) भूमि मुआवज़ा घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जांच एजेंसी ने 6.77 करोड़ रुपये मूल्य की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया है। ये संपत्तियां घोटाले में शामिल रहे एक पूर्व उपायुक्त, एक पूर्व इंजीनियर और एक फ़र्ज़ी लाभार्थी से जुड़ी हैं।
ईडी की जांच ईटानगर के सतर्कता पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR पर आधारित है, जिसमें TAH परियोजना के पोटिन-बोपी खंड के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवज़े के वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप है। जांच में सामने आया कि सरकारी अधिकारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर किया और फ़र्ज़ी या अयोग्य लाभार्थियों को 44.98 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
ज़ब्त की गईं संपत्तियां किसकी हैं?
प्रवर्तन निदेशालय के बयान के मुताबिक, ज़ब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
- 2.40 करोड़ रुपये: पश्चिम सियांग जिले के येग्गो गांव में एक आवासीय संपत्ति, जो ज़ीरो के तत्कालीन उपायुक्त स्वर्गीय केमो लोलेन के नाम पर है।
- 2.00 करोड़ रुपये: पापुम पारे जिले के टिगडो गांव में स्थित 'जेयूच हट्स रिज़ॉर्ट', जो तत्कालीन जूनियर इंजीनियर टोको ताजे के बेटे टोको थाट जोतम के नाम पर है।
- 2.37 करोड़ रुपये: पापुम पारे के नाहरलगुन स्थित एक आवासीय/व्यावसायिक संपत्ति, जो एक फ़र्ज़ी लाभार्थी तादार बाबिन के नाम पर है।
अधिकारियों और फ़र्ज़ी लाभार्थी की भूमिका
जांच से पता चला है कि स्वर्गीय केमो लोलेन, जो मुआवज़ा वितरण की निगरानी कर रहे थे, ने एक अयोग्य व्यक्ति को लाभार्थी के रूप में शामिल करने के लिए कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये लिए थे। वहीं, संरचनात्मक मूल्यांकन में शामिल जूनियर इंजीनियर टोको ताजे की पत्नी के बैंक खाते में भी 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
इसके अलावा, तादार बाबिन नाम के व्यक्ति को लगभग 5.47 करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिला, जबकि परियोजना क्षेत्र में उसकी कोई ज़मीन या संपत्ति नहीं थी और न ही वह कानूनी रूप से मुआवज़े का हक़दार था।
अब तक कुल 16.90 करोड़ की कुर्की
इस नई कार्रवाई के साथ, इस मामले में अब तक ज़ब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा लगभग 16.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे पहले की कार्रवाइयों में ईडी ने 5.14 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज़ किया था और तलाशी के दौरान 2.62 करोड़ रुपये नकद भी ज़ब्त किए थे। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायतें भी दायर की हैं और आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



