ऑनलाइन निवेश में 95 लाख गंवाने वाले को गोवा पुलिस ने दिलाई राहत, तेलंगाना से आरोपी गिरफ्तार
गोवा में एक व्यक्ति को ऑनलाइन निवेश के नाम पर करीब 95.31 लाख रुपए की चपत लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने…
गोवा में एक व्यक्ति को ऑनलाइन निवेश के नाम पर करीब 95.31 लाख रुपए की चपत लगाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने तेलंगाना से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और पीड़ित को अब तक 21 लाख रुपए की रकम वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।
मामले की शुरुआत एक ऑनलाइन विज्ञापन से हुई, जिसने पीड़ित को भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद उसे फोन कॉल और संदेशों के जरिए एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने के लिए उकसाया गया। झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कई बार में कुल 95,31,177.93 रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने पर उसने 30 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
तेलंगाना तक पहुंची पुलिस की टीम
शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जीवबा दलवी ने बताया कि निरीक्षक सुजय कोरगांवकर के नेतृत्व में टीम को हैदराबाद भेजा गया। वहां से तेलंगाना निवासी 30 वर्षीय कोटा वेणुमाधव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर गोवा लाया गया है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 319(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66-डी के तहत केस दर्ज किया गया है। डीआईजी वेद प्रकाश सूर्य और एसपी जीवबा दलवी की निगरानी में जांच चल रही है।
ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें?
एसपी जीवबा दलवी ने लोगों को ऐसे ऑनलाइन निवेश घोटालों से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जो भी निवेश योजनाएं असामान्य रूप से बहुत ज्यादा या सुनिश्चित मुनाफे का वादा करें, उनसे सावधान रहना चाहिए। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें और सुनिश्चित करें कि उसे नियामक संस्था से मंजूरी मिली हो। इसके अलावा, फॉरेक्स निवेश के मामलों में हमेशा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों का पालन करें और अनचाहे कॉल, विज्ञापन या संदेशों के आधार पर कभी भी पैसा ट्रांसफर न करें।
इनपुट: IANS



