त्योहारों में कारोबार पर संकट: दिल्ली के व्यापारियों ने राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली टालने की अपील की
दिल्ली में दिवाली और भाई दूज के त्योहारी सीजन की गहमागहमी के बीच, व्यापारी संगठनों ने 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर गहरी चिंता जताई है। कारोबारियों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण…
दिल्ली में दिवाली और भाई दूज के त्योहारी सीजन की गहमागहमी के बीच, व्यापारी संगठनों ने 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर गहरी चिंता जताई है। कारोबारियों का कहना है कि इस महत्वपूर्ण समय में किसी भी बड़े राजनीतिक आयोजन से ग्राहकों की आवाजाही रुकेगी और उनका व्यापार चौपट हो जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी चिंता के चलते व्यापारियों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस विरोध प्रदर्शन को त्योहारों के बाद तक टालने की गुहार लगाई है।
व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत गर्ग ने कहा कि इस तरह की रैली का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि जिस मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है, वह पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई याचिकाएं दायर हैं, जिन पर हाल ही में विस्तृत सुनवाई हुई थी और अगली तारीख 17 नवंबर तय है। गर्ग ने इसे लोगों को भ्रमित करने और दबाव बनाने की राजनीति का हिस्सा बताया।
व्यापारियों को क्यों सता रहा है नुकसान का डर?
चांदनी चौक व्यापार समिति के अध्यक्ष संजय भार्गव के अनुसार, समस्या सिर्फ रैली वाले दिन की नहीं है, बल्कि आयोजन से पहले और बाद में होने वाली सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रतिबंध और बैरिकेडिंग से भी बाजार बुरी तरह प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा, "रामलीला मैदान नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली के बीच है। यहां भीड़ जुटने पर दोनों इलाकों में भारी जाम लगेगा, जिसका सीधा असर चांदनी चौक, सदर बाजार जैसे थोक और खुदरा बाजारों पर पड़ेगा।"
एक अन्य कारोबारी अजय कुमार मित्तल ने IANS को बताया कि त्योहारी सीजन पूरे साल का सबसे अहम वक्त होता है। दुकानदार महीनों पहले से स्टॉक जमा करते हैं और सप्लाई चेन बनाते हैं। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों से व्यापार उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। अब त्योहारों से जो उम्मीदें हैं, वे भी ऐसे आयोजनों से प्रभावित हो सकती हैं।" कारोबारी पूरनचंद जोशी ने भी कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से ग्राहकों की संख्या घट जाती है और करोड़ों का नुकसान होता है।
"अगर राहुल समझदार हैं तो..."
रविकांत गर्ग ने राहुल गांधी से अपील करते हुए एक सीधा बयान दिया। उन्होंने कहा, "अगर राहुल गांधी एक समझदार व्यक्ति हैं और सही मायने में समझदारी वाली राजनीति करना चाहते हैं या कुछ अच्छा करना चाहते हैं, तो उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे इस विरोध प्रदर्शन को वापस ले लें।" व्यापारियों का सामूहिक मत है कि राजनीतिक दलों को अपनी गतिविधियां जारी रखनी चाहिए, लेकिन उन्हें त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना चाहिए।
इनपुट: IANS



