दिल्ली: ACP पर रिवॉल्वर दिखाने का आरोप, वकीलों ने दी पुलिस मुख्यालय घेरने की चेतावनी
दिल्ली पुलिस के एक एसीपी पर वकीलों को धमकाने और रिवॉल्वर दिखाने के गंभीर आरोपों के बाद विवाद गहरा गया है। सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी है कि यदि…
दिल्ली पुलिस के एक एसीपी पर वकीलों को धमकाने और रिवॉल्वर दिखाने के गंभीर आरोपों के बाद विवाद गहरा गया है। सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी है कि यदि आरोपी एसीपी को सस्पेंड नहीं किया गया, तो गुरुवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। वकीलों ने इस घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू कर दी है।
सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट विकास त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस रक्षक के बजाय भक्षक बन गई है। जब भी लोगों को कोई समस्या होती है या कोई अपराध होता है, तो वे सबसे पहले दिल्ली पुलिस के पास जाते हैं। अगर पुलिस उनकी बात नहीं सुनती, तो वे वकीलों और अदालतों के पास आते हैं। लेकिन अगर दिल्ली पुलिस के सामने वकीलों को भी बेबस करने की कोशिश की जाएगी, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा इलाके में कुछ वकीलों के बीच हुई बहस से शुरू हुआ। एसोसिएशन के सचिव विजय बिश्नोई के मुताबिक, इस घटना में एक वकील के सिर में चोट आई और उन्हें 7-8 टांके लगे। उन्होंने बताया कि काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया।
बिश्नोई ने बताया कि जब वकील 24 अक्टूबर को एफआईआर की कॉपी लेने गए, तो उन्हें पता चला कि आरोपियों को रात में ही छोड़ दिया गया था। जब उन्होंने इस पर अपना विरोध जताया, तो एक एसीपी ने अपनी रिवॉल्वर निकालकर वकीलों को धमकाया। बाद में, उसी एसीपी ने शिकायतकर्ता बनकर वकीलों के खिलाफ ही एक एफआईआर दर्ज करा दी।
"एसीपी की हिम्मत कैसे हुई?"
उपाध्यक्ष विकास त्रिपाठी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "हमारे बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी दिल्ली पुलिस के पास गए थे और उनके खिलाफ एसीपी ही बंदूक में गोलियां भर रहा था। इसका वीडियो भी मौजूद है। एसीपी की ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई?" उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक आरोपी एसीपी को सस्पेंड नहीं किया जाता, वकील अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे।
इनपुट: IANS



