निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार: 'हर मुद्दे का राजनीतिकरण न करें, उद्यमियों को न उकसाएं'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने टाटा समूह को 'आपराधिक तरीके से बर्बाद' करने की बात कही थी। वित्त मंत्री ने…
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने टाटा समूह को 'आपराधिक तरीके से बर्बाद' करने की बात कही थी। वित्त मंत्री ने राहुल गांधी को हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचने की सलाह दी और कहा कि व्यावसायिक मामलों को बिना सोचे-समझे 'आपराधिक' कहना अस्वीकार्य है।
यह पूरा विवाद राहुल गांधी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए गए एक पोस्ट से शुरू हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और कोई भी उद्योगपति इस पर बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से सवाल किया था, "आप कब तक चुप रहेंगे? ... भारतीय कारोबार मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं।"
वित्त मंत्री का जवाब
राहुल गांधी के इसी पोस्ट का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, "नेता विपक्ष राहुल गांधी को मेरी सलाह है कि वे हर मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचें।" उन्होंने कांग्रेस नेता पर भारतीय उद्योग जगत की सफलताओं की बार-बार आलोचना करने का आरोप लगाते हुए कहा, "क्या अब आप हमारे बिजनेस लीडर्स को भी अपने साथ मिलाकर अविश्वास और नफरत फैलाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं?"
'लाइसेंस-कोटा राज' बनाम वर्तमान नीतियां
वित्त मंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कांग्रेस के अतीत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दशकों तक कांग्रेस पार्टी ने 'लाइसेंस-कोटा राज' के जरिए उद्यमियों की भावना को दबाया और करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेला। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय उद्योग को 'रोजगार पैदा करने वाला' और 'आर्थिक विकास को गति देने वाला' मानती है।
सीतारमण ने आगे कहा कि सरकार की नीतियां उद्यमों को सक्षम बनाने, उद्योगों को समर्थन देने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने रचनात्मक संवाद की वकालत करते हुए कहा कि अपने संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए बेबुनियाद आरोप लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत का संविधान सभी को न्याय की गारंटी देता है और न्यायपालिका इसे बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।
इनपुट: IANS



