मंगलवार, 30 जून 2026 · नई दिल्ली
Breaking News Hindi

भारत देश में सट्टा चल रहा है भारत सरकार क्यों नहीं रोक रही ?

साधारण शब्दों में अगर सट्टे की बात करें तो इसको एक तरह से हम शर्त कह सकते हैं.

भारत देश में सट्टा चल रहा है भारत सरकार क्यों नहीं रोक रही ?

साधारण शब्दों में अगर सट्टे की बात करें तो इसको एक तरह से हम शर्त कह सकते हैं. जैसे कि कौन खिलाड़ी ज्यादा रन बनाएगा, कौन सी टीम मैच जीतेगी या फिर आज शेयर बाजार ऊपर जाएगा या नीचे. सट्टा बाजार का क्षेत्र बहुत बड़ा है. भारत में बड़े स्तर पर सट्टा खेला जाता है. सट्टा बाजार ना सिर्फ भारत में बल्कि पूरे दुनिया में इसका बहुत बड़ा कारोबार है. दुनिया के कई देशों ने सट्टा बाजार को कानून बनाकर मान्यता प्रदान की है. लेकिन जहाँ तक भारत की बात है. भारत सरकार सट्टा लगाने को अवैध मानती है.

विज्ञापन
वीडियो

ऐसा नहीं है कि भारत सरकार सट्टा को रोक नहीं रही है. भारत सरकार द्वारा सट्टे का पता चलने पर उसके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाती है. लेकिन इसके बावजूद यह भी कड़वी हकीकत है कि भारत में सट्टा बाजार चोरी-छिपे बहुत बड़े स्तर पर होता है. जिसमें क्रिकेट मैच या IPL के समय बड़े स्तर पर सट्टा लगाया जाता है. जिसके स्थानीय स्तर पर होने के कारण सरकार को उसकी जानकारी नहीं मिल पाती. पुलिस द्वारा सट्टा बाजार पर रोक लगाने के लिए छापे भी मारे जाते हैं.

ipl satta indore
सट्टा बाजार

अभी तक भारत में सट्टा लगाना कानूनी अपराध है. लेकिन अभी नई बहस भी चल रही है कि सट्टा बाजार को कानूनी मान्यता भारत में भी देनी चाहिए या नहीं ? जिसके समर्थन या विरोध में अनेंक तर्क भी सामने आ रहे हैं. विधि आयोग की तरफ से भी सिफारिश की गई कि क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर सट्टे को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणालियों के तहत नियमित कर देय गतिविधियों के रूप में अनुमति दी जाए. साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने के लिए स्रोत के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाए. इस पर प्रतिबंध से नुकसान ही हुआ है. आयोग की रिपोर्ट ‘लीगल फ्रेमवर्क: गैंबलिंग एंड स्पोर्ट्स बेटिंग इनक्लूडिंग क्रिकेट इन इंडिया’ में सट्टेबाजी के नियमन के लिए और इससे कर राजस्व अर्जित करने के लिए कानून में कुछ संशोधनों की सिफारिश की गई है.

UP ELECTION 1489213526 835x547
सट्टा

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां भारत से संचालित हो और इसके लिए वैध लाइसेंस दिए जाए. सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों को आधार या पैन कार्ड से जोड़ने और लेनदेन कैशलैस कने की भी सिफारिश है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली लाडली योजना में बच्ची का नाम कैसे देखें ?

रिपोर्ट में ऐसा माना गया है कि सट्टा बाजार कानूनी रोक के बाद अब भी चल रहा है. अगर इसको मान्यता प्रदान कर दी जाए तो सरकार को इससे कर भी प्राप्त होगा. अभी तक भारत में सट्टा बाजार कानूनी तौर पर अपराध है.

KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →