शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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PM मोदी के डीपफेक वीडियो की बाढ़, छात्रों को भड़काने की पाकिस्तानी साजिश का खुलासा

हालिया छात्र प्रदर्शनों के शांत पड़ने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए डीपफेक वीडियो की संख्या में अचानक तेज़ी देखी गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि इन वीडियो को…

PM मोदी के डीपफेक वीडियो की बाढ़, छात्रों को भड़काने की पाकिस्तानी साजिश का खुलासा
(फोटो: IANS)

हालिया छात्र प्रदर्शनों के शांत पड़ने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए डीपफेक वीडियो की संख्या में अचानक तेज़ी देखी गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि इन वीडियो को फैलाने में पाकिस्तानी हैंडल्स की अहम भूमिका है, जिनका मकसद छात्रों को फिर से विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाना है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये वीडियो प्रधानमंत्री की एक ऐसी छवि गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं जो छात्र-विरोधी है, जबकि सरकार का रुख इसके ठीक उलट रहा है।

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इन फर्जी वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी को कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि हाल के प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक डीपफेक में तो उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।" इन वीडियो को बनाने के लिए प्रधानमंत्री के पुराने भाषणों के अंशों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने वास्तव में पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।

साजिश और सरकार का रुख

खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने इसे 'सिस्टमैटिक टारगेटिंग' बताया है। उन्होंने कहा, "वे छात्रों को सड़कों पर वापस लाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं और इस बार सिर्फ प्रधानमंत्री को टारगेट कर रहे हैं।" अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडल्स को उम्मीद है कि वे छात्रों के माध्यम से भारत की सरकार को अस्थिर कर सकते हैं।

हालांकि, हकीकत यह है कि केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। इसी कड़ी में दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र की सरकारों ने पिछले हफ्ते छात्रों को यह आश्वासन दिया था। दिल्ली सरकार ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए नीट-यूजी प्रदर्शनों से जुड़ी 13 एफआईआर को बंद करने का भी आदेश दिया है।

डीपफेक का जवाब और असली वीडियो

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि आईएसआई-समर्थित तत्व सरकार के समाधान-केंद्रित दृष्टिकोण से निराश हैं, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गए। इसी निराशा में वे फर्जी वीडियो और झूठे दावे फैला रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यह पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार में लोगों का विश्वास कम करना है। साथ ही, यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में चल रही अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की भी एक कोशिश है।

इस दुष्प्रचार के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक नया वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ लगाए गए अपमानजनक नारों पर प्रतिक्रिया देते हुए संयम और क्षमा की अपील की। उन्होंने कहा, "गाली देने से कुछ हल नहीं होता। आइए भटके हुए लोगों को सही रास्ता दिखाएं और साथ मिलकर काम करें। आइए भारत के लिए काम करें।"

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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