ठाणे: शिवसेना (UBT) नेता की हत्या के बाद विपक्ष का सरकार पर हमला, पूछा- 'क्या महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो गई है?'
महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, जिसके बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, विपक्ष…
महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, जिसके बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और उनमें कानून का कोई डर नहीं रह गया है।
यह घटना मंगलवार देर रात की है, जब मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने शिवसेना (UBT) के विभाग प्रमुख प्रदीप पुर्णेरकर की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। इस हत्या ने मुंबई से सटे ठाणे इलाके में सनसनी फैला दी है और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने हाल की आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा, "पिछले दिनों सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई थी और फिर बाबा सिद्दीकी की निर्मम हत्या हुई। अब शिवसेना-यूबीटी के नेता की हत्या, आखिर महाराष्ट्र में यह क्या हो रहा है। क्या अपराधियों में खौफ नहीं है? क्या कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है?"
उन्होंने आगे कहा कि पुणे, नागपुर, नासिक और मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। दुबे ने आरोप लगाया, "अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसा लगता है कि सरकार भी अपराधियों से डर गई है।"
कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा
वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को पूरी तरह विफल बताया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे ने IANS से कहा, "कानून-व्यवस्था अब भाजपा सरकार के नियंत्रण में नहीं है। वे नाकाम रहे हैं और हालात उनके हाथ से निकल गए हैं।"
लोंढे ने नागपुर की एक घटना का भी हवाला दिया, जहां मंगलवार को बेलतारोडी इलाके में लोगों ने एक चोर को पीट-पीटकर मार डाला था। उन्होंने कहा, "लोगों का सरकार पर भरोसा नहीं रहा और वे कानून अपने हाथ में ले रहे हैं।" उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि लूटपाट, चोरी और गोलीबारी की ये घटनाएं दिखाती हैं कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं।
इनपुट: IANS



