बच्चा ‘मूल नक्षत्र’ में पैदा हुआ इसलिए महिला ने उसे बेचा

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बाल तस्करी
बाल तस्करी

कर्नाटक के देवनगिरि में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के बीच विवाद ने शनिवार को अंबेडकरनगर में सार्वजनिक क्षेत्र में बाल तस्करी के धंधे का खुलासा कर दिया। जब चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त एक अज्ञात कॉल के आधार पर, महिला पुलिस टीम और महिला एवं बाल कल्याण विभाग कार्रवाई में जुट गए।

वे हवेरी में एक नि: संतान दंपति को बेचे जा रहे बच्चे का पता लगाने में सफल रहे और एक साल के बच्चे को बचाया।

अंधविश्वास की वजह से बिक्री हुई

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के उप निदेशक विजयकुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान यह पाया गया कि बच्चा ‘मूल नक्षत्र’ में पैदा हुआ था, जिसे माता-पिता के लिए अशुभ बताया जाता है।

इसलिए, महिला ने अपने चौथे बच्चे को किसी ऐसे व्यक्ति को दे देना चाहती थी जो उसकी देखभाल करना चाहता हो। इसलिए उसने एक निजी अस्पताल की में एक महिला को बच्चे को 25,000 रुपये में बेच दिया।

इससे पहले चाइल्ड हेल्पलाइन को 26 दिसंबर को बाल तस्करी की घटना के संबंध में एक गुमनाम कॉल मिली। पुलिस ने सबसे पहले आंबेडकर नगर के आंगनवाड़ी का दौरा किया, जहां बच्चे और प्रारंभिक टीकाकरण का विवरण दर्ज किया गया होगा। जब टीकाकरण का कोई विवरण नहीं मिला, तो इसने बच्चे की तस्करी के बारे में संदेह पैदा किया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बाल संरक्षण अधिकारी घटना को ट्रेस करने में सफल रहे और बाद में एक व्यक्ति को पकड़ा गया जिसने इस घटना में शामिल होना स्वीकार कर लिया। मामलें के संज्ञान में आने के बाद गर्ल चाइल्ड होम में बच्चे का इलाज किया जा रहा है।

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इस घटना में शामिल सभी आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया । इन आठ लोगों में कविता, मंजूनाथ, दक्षिणायन, सिद्दू, रवि, करिबसप्पा, चित्रम् और कमलम्मा नाम के व्यक्ति शामिल हैं।

देवनगिरि में यह दूसरी घटना

देवनगिरि में होने वाली यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले 22 दिसंबर, 2017 को भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसमें एक महिला द्वारा बच्चे को बेचा गया था।