शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर, सेंसेक्स 700 अंक से ज़्यादा टूटा

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई, जिसके पीछे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे वैश्विक कारक प्रमुख वजह रहे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का असर, सेंसेक्स 700 अंक से ज़्यादा टूटा
(फोटो: IANS)

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई, जिसके पीछे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे वैश्विक कारक प्रमुख वजह रहे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सुबह 9:16 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 707 अंक (0.95%) लुढ़ककर 74,192 पर आ गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 238 अंक (1%) की गिरावट के साथ 23,238 पर कारोबार कर रहा था।

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विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत का लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना चिंता का विषय है। अगर तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं या और बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारत की GDP वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.96% तक पहुंचना भी वैश्विक इक्विटी बाजारों के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि यह 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है।

बाजार के हर सेगमेंट में बिकवाली का दबाव

बाजार में गिरावट का असर चौतरफा देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया, जहाँ निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स बने। केवल आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में थे, जिनमें फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शामिल हैं।

यह दबाव सिर्फ बड़ी कंपनियों (लार्जकैप) तक सीमित नहीं था, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 868 अंक (1.40%) गिरकर 61,488 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 284 अंक (1.33%) की कमजोरी के साथ 19,756 पर था।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल

कमजोरी का यह रुख़ सिर्फ़ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि ज़्यादातर एशियाई बाज़ारों में भी गिरावट का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सियोल और जकार्ता समेत प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे एक दिन पहले, गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहाँ डाओ जोन्स में 0.60% और नैस्डैक में 0.65% की कमजोरी दर्ज की गई थी।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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