मतदान के अधिकार से वंचना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसके कारण नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित होना किसी भी लोकतंत्र के लिए "शर्म की बात" है…
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसके कारण नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित होना किसी भी लोकतंत्र के लिए "शर्म की बात" है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विवाद राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं है, बल्कि इसका संबंध आम लोगों को होने वाली परेशानियों से है।
समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल में मीडिया से बात करते हुए रावत ने बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि इन राज्यों में SIR प्रक्रिया के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और दुर्भाग्य से कई लोग अपना वोट नहीं दे पाए। उन्होंने कहा, "किसी भी लोकतंत्र के लिए इससे बड़ी शर्म की बात क्या हो सकती है कि आपकी प्रक्रिया के कारण लोगों को वोट देने से रोक दिया जाए?"
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कांग्रेस के आरोप
ओ.पी. रावत ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयोग में फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होते हैं। यदि किसी मुद्दे पर बहुमत एक तरफ हो, तो अकेले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कोई फैसला नहीं ले सकते।
दूसरी ओर, मुंबई में कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। पटेल ने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़ी बातों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाना संविधान पर सीधा हमला है। पटेल के अनुसार, यह सिर्फ कांग्रेस या 'इंडी' गठबंधन का नहीं, बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है।
महाराष्ट्र में सूखे पर भी चिंता
इस दौरान विधायक अमीन पटेल ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल राहत पैकेज घोषित करने की मांग की। पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि केवल घोषणा करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि मदद वास्तव में प्रभावित किसानों तक पहुंचे। उन्होंने किसानों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए सूखा प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाने की अपील की।
इनपुट: IANS



