सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: 1143 करोड़ के राजनीतिक चंदे का कथित घोटाला, एक पार्टी और उसके पदाधिकारी जांच के घेरे में

गुजरात की एक राजनीतिक पार्टी 'भारतीय राष्ट्रीय जनता दल' (BNJD) पर 1,143 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी चंदे के घोटाले का आरोप लगा है, जिसके बाद गुजरात पुलिस की CID क्राइम ब्रांच ने पार्टी और उसके चार…

गुजरात: 1143 करोड़ के राजनीतिक चंदे का कथित घोटाला, एक पार्टी और उसके पदाधिकारी जांच के घेरे में
(फोटो: IANS)

गुजरात की एक राजनीतिक पार्टी 'भारतीय राष्ट्रीय जनता दल' (BNJD) पर 1,143 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी चंदे के घोटाले का आरोप लगा है, जिसके बाद गुजरात पुलिस की CID क्राइम ब्रांच ने पार्टी और उसके चार पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित घोटाले की वजह से सरकारी खजाने को करीब 343 करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान होने का अनुमान है।

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यह कार्रवाई आयकर विभाग की शिकायत पर की गई, जिसके बाद 25 सितंबर को गांधीनगर जोन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इस पूरे मामले में पार्टी के अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार गजेरा, महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रौनकसिंह चावड़ा और चार्टर्ड अकाउंटेंट आदिल सैयद को नामजद किया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

कैसे हुआ कथित घोटाला?

आयकर विभाग की शिकायत के मुताबिक, यह पूरा लेन-देन वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2024-25 के बीच हुआ। आरोप है कि 56,238 करदाताओं ने बैंकिंग चैनलों (RTGS समेत) के जरिए पार्टी को चंदा दिया। इसके बदले में उन्हें दान की रसीदें जारी की गईं, ताकि वे आयकर अधिनियम के तहत मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ उठा सकें।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि चंदे की यह रकम बाद में पार्टी के खातों से जे ट्रेडिंग, काजल एंटरप्राइजेज और परमार एसोसिएट्स जैसी बिचौलिए फर्मों को ट्रांसफर कर दी गई। इन ट्रांसफर को सही दिखाने के लिए अनाज और दालों की खरीद के फर्जी बिल और चालान बनाए गए। इसके बाद यह पैसा नकद में निकाल लिया गया।

कमीशन और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल

शिकायत में दावा किया गया ہے कि इस प्रक्रिया में 2% से 10% तक का कमीशन रखा गया और बाकी बची रकम को आंगड़िया और हवाला चैनलों के जरिए मूल दानदाताओं को वापस लौटा दिया गया। आयकर विभाग ने इसी पूरी व्यवस्था के कारण सरकारी खजाने को लगभग 343 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर के नुकसान का अनुमान लगाया है। जांच के दौरान करीब 2.91 लाख रसीदें बरामद होने की बात भी सामने आई है।

किस पदाधिकारी पर क्या आरोप?

FIR में पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार गजेरा को इस ऑपरेशन का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड बताया गया है, जो पूरे नेटवर्क की निगरानी करते थे और कमीशन की दरें तय करते थे। वहीं, महासचिव विपुल सोलंकी पर मैसेजिंग ऐप के जरिए दानदाताओं की जानकारी संभालने और रसीदों पर हस्ताक्षर करने का आरोप है। कोषाध्यक्ष रौनकसिंह चावड़ा से जुड़े ठिकानों पर तलाशी के दौरान लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मिले हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट आदिल सैयद पर आरोप है कि उन्होंने बिना उचित सत्यापन और जांच के पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट तैयार की और उन पर डिजिटल हस्ताक्षर किए।

यह मामला धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। बीएनजेडी गुजरात में चुनाव लड़ चुकी एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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