पुणे: गणपति विसर्जन में लाखों की चोरी, पुलिस ने दो गिरोहों का पर्दाफाश कर 15 को दबोचा
पुणे में गणपति विसर्जन की भारी भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं से लाखों की लूटपाट करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्रामबाग पुलिस ने एक…
पुणे में गणपति विसर्जन की भारी भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं से लाखों की लूटपाट करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्रामबाग पुलिस ने एक सुनियोजित अभियान में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 35 लाख रुपए के सोने के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये चोर विसर्जन जुलूस के दौरान सोने की चेन, मंगलसूत्र और कीमती फोन छीनने में सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार, यह सफलता पिछले साल के अनुभवों से सबक लेते हुए बनाई गई एक विशेष योजना का नतीजा है। जोन-1 के डीसीपी कृषिकेश रावले ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दो अलग-अलग मॉड्यूल के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहारों पर जब भारी भीड़ जमा होती है, तो स्थानीय और बाहरी राज्यों के ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
सादे कपड़ों में 56 घंटे का ऑपरेशन
डीसीपी रावले के निर्देशों के बाद, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनाथ जगताप ने एक जांच टीम बनाई, जिसका नेतृत्व एपीआई उमेश करके ने किया। टीम के सदस्यों ने सादे कपड़ों में खुद को श्रद्धालुओं की भीड़ में शामिल कर लिया और जुलूस के रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी। 25 सितंबर की सुबह 7 बजे से 27 सितंबर की दोपहर 3 बजे तक चले इस 56 घंटे के अथक अभियान के बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 15 संदिग्धों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।
22 मामलों का खुलासा, ₹35 लाख की संपत्ति जब्त
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने माना कि वे गणेशोत्सव और विसर्जन के दौरान महिलाओं के सोने के गहने और मोबाइल फोन चुराते थे। पुलिस ने इन गिरफ्तारियों से कुल 22 मामलों का खुलासा किया है। इनमें से 19 मामले अकेले विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं, जिसमें 15 सोने की चोरी, 3 मोबाइल चोरी और एक जेबकतरे का मामला शामिल है। इसके अलावा, फराशखाना पुलिस स्टेशन में सोने की चोरी के 3 और चंदननगर में एक मामला सुलझाया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संतोष कान्हू पवार (अहिल्यानगर), जलिंदर शिवराव वाघमारे (बीड), सुशांत शिवाजी गायकवाड़ (लातूर), गफर मौला शेख (हैदराबाद), और शेख सैबाज शेख शफीक (मालेगांव, नासिक) समेत पांच लोगों को 29 सितंबर, 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
इनपुट: IANS



