मध्य प्रदेश में 'श्रम शक्ति संहिता' लागू, सीएम मोहन यादव ने संबल योजना के तहत ₹203 करोड़ जारी किए
मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी सरकार के लिए…
मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ 'श्रम शक्ति संहिता' लागू की गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी सरकार के लिए सर्वोपरि है और इसी दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री निवास से श्रमिक बंधुओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए सीएम यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रख रही है। इसी के तहत 'श्रम स्टार रेटिंग' की भी शुरुआत की गई है, ताकि श्रमिकों के सम्मान से कोई समझौता न हो।
श्रमिकों के लिए नई योजनाएं और सहायता
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई 'श्रमणा' योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम श्रमिकों को उनके हुनर परिष्कृत कर मेहनत से आगे बढ़ना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों से जुड़कर श्रमिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सीएम यादव ने विकसित मध्य प्रदेश की नींव तैयार करने में श्रमिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हर परिस्थिति में उनकी कठिनाइयों को दूर करना सरकार का कर्तव्य है।
संबल योजना के तहत राशि हस्तांतरित
इस अवसर पर, रक्षाबंधन से पहले श्रावण के अंतिम सोमवार को, मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना' की 11वीं किश्त भी जारी की। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की।
सीएम यादव ने कहा कि मुश्किल समय में, जैसे कि परिवार के मुखिया का असामयिक निधन या अचानक आर्थिक संकट आने पर, सरकार श्रमिकों का साथ कभी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने बताया कि संबल योजना प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दे चुकी है और यह राशि दुःख की घड़ी में एक बड़ी राहत बनकर आती है।
इनपुट: IANS



