शेयर बाज़ार में लगातार 5वें दिन गिरावट, वैश्विक तनावों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर
वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार पांचवें दिन भी देखने को मिला। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन…
वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार पांचवें दिन भी देखने को मिला। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले और दिन के कारोबार में भी दबाव में बने रहे।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स लगभग 320 अंक (0.41%) टूटकर 77,760.40 पर आ गया था। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी करीब 75 अंक (0.31%) फिसलकर 24,320.95 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में इस कमजोरी की एक बड़ी वजह अमेरिका द्वारा अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकाबंदी की धमकी के बाद तेल की कीमतों में आई स्थिरता को माना जा रहा है।
सेक्टरों का हाल और बाजार का रुझान
शुक्रवार को लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी मेटल सेक्टर पर रहा, जिसमें 1.18% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी जैसे प्रमुख सेक्टर भी 0.51% से 0.87% तक टूटे। सिर्फ निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ही एकमात्र सेक्टर था, जिसमें 0.32% की मामूली बढ़त देखी गई। व्यापक बाजार में भी कमजोरी का रुख रहा, जहाँ निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी गिरावट आई।
निवेशकों की रणनीति और विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, तकनीकी तौर पर निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है, जबकि 24,500 से 24,550 के स्तर पर इसे बाधा (रेजिस्टेंस) का सामना करना पड़ सकता है। पिछले कारोबारी सत्र के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 510 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की तरफ से 4,353 करोड़ रुपए की मजबूत खरीदारी ने बाजार को काफी हद तक सहारा दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण बाजार में बढ़त सीमित रह सकती है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मजबूत वैश्विक संकेतों से कुछ राहत भी मिल रही है। फिलहाल, बाजार के एक दायरे में कारोबार करने की संभावना है, जिसमें निवेशक खास शेयरों और सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
इनपुट: IANS



