शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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थोक महंगाई में मामूली राहत, पर खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित उत्पादों के दाम बढ़े

जुलाई 2026 में थोक महंगाई दर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। समाचार एजेंसी IANS की ओर से जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारि…

थोक महंगाई में मामूली राहत, पर खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित उत्पादों के दाम बढ़े
(फोटो: IANS)

जुलाई 2026 में थोक महंगाई दर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। समाचार एजेंसी IANS की ओर से जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित मुद्रास्फीति इस महीने 9.78 प्रतिशत रही। यह जून के 9.87 प्रतिशत के मुकाबले एक हल्की नरमी का संकेत है, लेकिन कई जरूरी श्रेणियों में कीमतों का दबाव बढ़ा है।

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई में सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक 110.0 रहा, जो जून में 110.2 था। समग्र सूचकांक में इस मामूली कमी के बावजूद, खाद्य वस्तुओं और कारखानों में बने उत्पादों की महंगाई दर में वृद्धि देखी गई, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ सकता है।

किन चीजों के दाम बढ़े और कहां मिली राहत?

आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जुलाई में महंगाई की तस्वीर मिली-जुली रही। एक तरफ जहां ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ खाने-पीने की चीजों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतें चढ़ गईं।

  • खाद्य वस्तुएं महंगी: WPI फूड इंडेक्स पर आधारित खाद्य महंगाई जून के 6.14% से बढ़कर जुलाई में 6.65% हो गई। इसी तरह, प्राथमिक वस्तुओं की श्रेणी में महंगाई दर 7.00% से बढ़कर 8.52% पर पहुंच गई।
  • विनिर्मित उत्पाद भी चढ़े: विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर जून के 7.48% से बढ़कर जुलाई में 8.29% दर्ज की गई।
  • ईंधन से राहत: सबसे बड़ी राहत ईंधन एवं ऊर्जा श्रेणी में मिली, जहां महंगाई दर जून के 27.41% से घटकर 20.05% पर आ गई। हालांकि, यह अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर है।

महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारक

सरकार के अनुसार, जुलाई में थोक महंगाई को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में मुख्य रूप से खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद), खाद्य वस्तुएं, बेसिक मेटल्स (बुनियादी धातुएं), गैर-खाद्य प्राथमिक उत्पाद, खाद्य उत्पादों का विनिर्माण और रसायन एवं रासायनिक उत्पादों का योगदान रहा। इन क्षेत्रों में कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने समग्र महंगाई के आंकड़े को प्रभावित किया।

पिछले आंकड़ों में संशोधन

मंत्रालय ने मई 2026 के थोक महंगाई के अनंतिम आंकड़ों में भी संशोधन किया है। मई के अंतिम WPI आंकड़े 9.68 प्रतिशत से संशोधित होकर 9.88 प्रतिशत हो गए हैं। यह संशोधन 98.14 प्रतिशत के उच्च वेटेड रिस्पॉन्स रेट पर आधारित है, जो आंकड़ों की सटीकता को दर्शाता है। यह सभी आंकड़े 2022-23 को आधार वर्ष मानकर जारी किए गए हैं।

इनपुट: IANS

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