शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: विपक्ष के बहिष्कार के बीच जी.एस. पाटिल विधानसभा अध्यक्ष और सलीम अहमद परिषद सभापति बने

कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों को शुक्रवार को नए पीठासीन अधिकारी मिल गए। कांग्रेस विधायक जी.एस. पाटिल को विधानसभा का नया अध्यक्ष (स्पीकर) चुना गया, जबकि पार्टी के ही एमएलसी सलीम अहमद विधान परिषद के…

कर्नाटक: विपक्ष के बहिष्कार के बीच जी.एस. पाटिल विधानसभा अध्यक्ष और सलीम अहमद परिषद सभापति बने
(फोटो: IANS)

कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों को शुक्रवार को नए पीठासीन अधिकारी मिल गए। कांग्रेस विधायक जी.एस. पाटिल को विधानसभा का नया अध्यक्ष (स्पीकर) चुना गया, जबकि पार्टी के ही एमएलसी सलीम अहमद विधान परिषद के सभापति (चेयरमैन) बने। हालांकि, यह चुनाव प्रक्रिया विवादों से घिरी रही और मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।

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समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विधानसभा में स्पीकर का चुनाव विपक्ष की गैर-मौजूदगी में हुआ। भाजपा ने यह कहते हुए चुनाव का बहिष्कार कर दिया कि कांग्रेस सरकार ने पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड पर पाटिल की उम्मीदवारी की घोषणा करके इस संवैधानिक पद की गरिमा को कम किया है। विपक्ष का तर्क था कि इस कदम से अध्यक्ष का चुनाव महज एक औपचारिकता बनकर रह गया।

विवाद और राजनीतिक बयानबाजी

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपनी सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस ने संवैधानिक पदों का कोई अपमान नहीं किया है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। वहीं, विपक्ष के नेता आर. अशोक ने जी.एस. पाटिल को बधाई देते हुए उनसे पद की गरिमा और स्वतंत्रता बनाए रखने का आग्रह किया।

आर. अशोक ने कहा, "स्पीकर का पद पार्टी का पद नहीं होता है। यह कुर्सी न्याय की जगह है और न्याय की रक्षा होनी चाहिए। इस पर संविधान की छाया होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी को पद की गरिमा का सम्मान करना सीखना होगा और नवनिर्वाचित अध्यक्ष को पूरे सदन को विश्वास में लेकर चलना होगा।

विधान परिषद में भी दिखा टकराव

विधान परिषद में सभापति पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस के सलीम अहमद ने एनडीए उम्मीदवार पी.एच. पुजार को 8 वोटों के अंतर से हराया। अहमद को 38 वोट मिले, जबकि पुजार को 30 वोट हासिल हुए। यहाँ भी चुनाव के दौरान सत्ताधारी कांग्रेस और एनडीए सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने पूर्व चेयरमैन बसवराज होरट्टी के इस्तीफे की परिस्थितियों पर सवाल उठाए।

परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी ने सलीम अहमद को बधाई देते हुए उनसे पार्टी, जाति और धर्म से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। हालांकि, उन्होंने भी पार्टी लेटरहेड पर अहमद की उम्मीदवारी की घोषणा करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वैचारिक और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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