अल-कायदा बांग्लादेश में बना रहा आतंकी सेल, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में चेतावनी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आतंकवादी संगठन अल-कायदा, भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए वह बांग्लादेश को एक…
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आतंकवादी संगठन अल-कायदा, भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए वह बांग्लादेश को एक प्रमुख ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल करने की फिराक में है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह खुलासा संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध निगरानी टीम की 38वीं रिपोर्ट में किया गया है, जो इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे संगठनों पर नजर रखती है।
रिपोर्ट में इस बात पर गहरी चिंता जताई गई है कि AQIS बांग्लादेश में अपने आतंकवादी नेटवर्क को खड़ा करने का प्रयास कर रहा है। इस चेतावनी के बाद दक्षिण एशिया में आतंकवाद का खतरा और बढ़ने की आशंका जताई गई है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। प्रधानमंत्री शेख हसीना को हाल ही में एक जनविद्रोह के बाद देश छोड़कर जाना पड़ा था, जिसमें इस्लामी कट्टरपंथी तत्वों की भूमिका बताई जा रही है।
दक्षिण एशिया में बढ़ता खतरा
संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबिक, दुनिया भर में आतंकवादी खतरे का स्तर भले ही स्थिर हो, लेकिन दक्षिण एशिया और अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में यह काफी बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS अब एक बिखरे हुए समूह से आगे बढ़कर एक क्षेत्रीय आतंकी संगठन का रूप ले रहा है। संगठन ने लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क भी स्थापित कर लिए हैं और अब वह बड़े ढांचों के बजाय छोटे और विकेंद्रीकृत सेल के माध्यम से काम कर रहा है।
अल-कायदा की भारतीय उपमहाद्वीप शाखा (AQIS) की स्थापना 2014 में अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। रिपोर्ट में नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले को भी AQIS से जोड़ा गया है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की स्थिति
रिपोर्ट में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते तनाव का भी जिक्र है। तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को समर्थन देने का आरोप है, जो पाकिस्तान में लगातार हमले कर रहा है। हालांकि तालिबान हमेशा से आतंकवादी संगठनों को पनाह देने के आरोपों से इनकार करता रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AQIS के नेता काबुल में मौजूद हो सकते हैं और उन्हें अफगान पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं, जो तालिबान के साथ उनके करीबी संबंधों की ओर इशारा करता है। अफगानिस्तान में सक्रिय कई आतंकी संगठनों की मौजूदगी पड़ोसी देशों और मध्य एशिया के लिए लगातार एक बड़ा खतरा बनी हुई है।
इनपुट: IANS



