मणिपुर: सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई में 13 उग्रवादी गिरफ्तार, हथियारों का ज़खीरा बरामद
मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के छह जिलों में चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत 13…
मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य के छह जिलों में चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत 13 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो का संबंध प्रतिबंधित संगठनों से बताया जा रहा है।
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षाबलों और असम राइफल्स ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह गिरफ्तारियां काकचिंग, बिष्णुपुर, इंफाल पश्चिम, थौबल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों से की गईं। गिरफ्तार किए गए लोगों पर लोगों पर हमला करने, अपहरण, जबरन वसूली और प्रतिबंधित संगठनों के लिए युवाओं की भर्ती जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं तार
गिरफ्तार किए गए उग्रवादी कई प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। इनमें कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (KCP), पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और इसकी राजनीतिक शाखा रिवोल्यूशनरी पीपल्स फ्रंट (RPF), कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL), यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF), पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (PREPAK) और यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) शामिल हैं।
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में दो प्रमुख नाम भी शामिल हैं। एक, खुद को RPF/PLA का 'लेफ्टिनेंट' बताने वाला 41 वर्षीय फुंड्रेइमायुम इबुंगो है, जिसे अब्दुल कलाम या अचूम्बा के नाम से भी जाना जाता है। दूसरा, खुद को इसी संगठन का 'लांस कॉर्पोरल' बताने वाला 45 वर्षीय वाहेन्गबाम अपोइचा मेइतेई है, जो माइकल के नाम से भी कुख्यात है।
हथियार और गोला-बारूद का जखीरा
अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। काकचिंग, इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी के आदिवासी इलाकों में तीन अलग-अलग ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों ने यह बरामदगी की। जब्त किए गए सामान में 4 पिस्तौल, एक .303 लाइट मशीन गन, तीन राइफलें, 9 सिंगल-बैरल बंदूकें, 6 हैंड ग्रेनेड, 3 वायरलेस सेट, विभिन्न हथियारों की 30 मैगजीन, 2300 जिंदा कारतूस और अन्य सैन्य सामग्री शामिल है। इसके अलावा, प्रतिबंधित संगठनों के लेटर हेड और सब्सक्रिप्शन रसीदें भी मिली हैं।
राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घाटी और पहाड़ी जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 111 नाके और चौकियां स्थापित की गई हैं। साथ ही, इंफाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को सशस्त्र सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
इनपुट: IANS



