केरल की पर्यटन रणनीति: अरब देशों से और 3 लाख पर्यटक लाने का लक्ष्य, अर्थव्यवस्था को ₹25,000 करोड़ की उम्मीद
केरल सरकार राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व में प्रशासन ने अगले पांच वर्षों में अरब देशों…
केरल सरकार राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व में प्रशासन ने अगले पांच वर्षों में अरब देशों से लगभग तीन लाख अतिरिक्त पर्यटकों को आकर्षित करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों से 25,000 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व उत्पन्न करना है।
सरकार का विशेष ध्यान अधिक खर्च करने वाले अरब परिवारों पर है, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सके। पर्यटन, सिनेमा और संस्कृति मंत्री पीसी विष्णुनाथ ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकारी और निजी पर्यटन उद्योगों से मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि इस साझा प्रयास से केरल को खाड़ी और पश्चिम एशिया के यात्रियों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
इंडो-अरब कनेक्ट 2026: एक बड़ा आयोजन
इस रणनीति के केंद्र में 'इंडो-अरब कनेक्ट 2026' नामक एक बड़ा शिखर सम्मेलन है, जो 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कोच्चि में आयोजित होगा। हाल ही में इसका लोगो जारी करते हुए मंत्री पीसी विष्णुनाथ ने कहा, "अरब देशों के पर्यटक केरल की पर्यटन अर्थव्यवस्था के भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।"
इस आयोजन में 11 देशों से 175 से अधिक अरब ट्रैवल एजेंट और टूर ऑपरेटर शामिल होंगे। यह केरल के होटल, रिसॉर्ट्स, आयुर्वेद केंद्र और टूर कंपनियों को अपने उत्पादों को सीधे अरब के खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए अहम
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अरब पर्यटक आवास, भोजन और खरीदारी पर दुनिया में सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में से हैं। इसलिए, उनकी बढ़ती संख्या का सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा। एक खास बात यह भी है कि अरब यात्री आमतौर पर जून से सितंबर के बीच केरल आते हैं, जो घरेलू पर्यटन के लिए 'ऑफ-सीजन' माना जाता है। इससे होटलों और रिसॉर्ट्स को साल भर व्यस्त रहने और रोजगार बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सऊदी अरब, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात के अलावा मिस्र, जॉर्डन और ईरान जैसे देशों में केरल पहले से ही काफी लोकप्रिय है, जिसका लाभ राज्य को मिलने की उम्मीद है। केरल के अरब दुनिया के साथ सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध, बड़ी संख्या में मलयाली लोगों की वहां मौजूदगी और अरबी बोलने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता को भी एक बड़े फायदे के तौर पर देखा जा रहा है।
राज्य का दौरा करेंगे प्रतिनिधि
कोच्चि में होने वाले सम्मेलन के बाद, 2 से 9 सितंबर तक अरब प्रतिनिधि एक विशेष 'फैमिलियराइजेशन टूर' पर निकलेंगे। इस नौ दिवसीय दौरे में वे कोच्चि, मुन्नार, कुमारकोम, अलाप्पुझा, कोवलम और वायनाड जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे ताकि यहां की सुविधाओं और आकर्षणों को करीब से समझ सकें।
इनपुट: IANS



