शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

इंदौर: नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी के घर लोकायुक्त का छापा, आय से 200% ज़्यादा संपत्ति का खुलासा

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम के एक सहायक राजस्व अधिकारी के यहाँ लोकायुक्त के छापे में करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। अधिकारी ने अपनी 31 साल की नौकरी में कुल वेतन से…

इंदौर: नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी के घर लोकायुक्त का छापा, आय से 200% ज़्यादा संपत्ति का खुलासा
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम के एक सहायक राजस्व अधिकारी के यहाँ लोकायुक्त के छापे में करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। अधिकारी ने अपनी 31 साल की नौकरी में कुल वेतन से लगभग सवा दो गुनी ज़्यादा संपत्ति बना ली। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर के गजाधर नगर में रहने वाले सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र कुमार पाण्डेय के ठिकानों पर दबिश दी। जांच में पता चला कि पाण्डेय ने अपनी नौकरी के दौरान वैध आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति अवैध तरीकों से जमा की थी।

करोड़ों के मकान और गाड़ियाँ

जांच में सामने आया है कि जितेंद्र पाण्डेय ने ज़्यादातर संपत्तियां अपनी पत्नी भावना पाण्डेय के नाम पर खरीदी हैं। इंदौर के आनंद नगर एक्सटेंशन में भावना पाण्डेय के नाम पर एक भूतल सहित तीन मंजिला इमारत मिली है, जिसके निर्माण पर करीब 1.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसके अलावा, चितावद के गजाधर नगर इलाके में एक और भूतल सहित दो मंजिला इमारत का पता चला है, जिसका इस्तेमाल छात्रावास (हॉस्टल) के रूप में किया जा रहा था। इस इमारत पर करीब 91.50 लाख रुपये खर्च किए गए। लोकायुक्त को पाण्डेय के परिवार के नाम पर कई चारपहिया और दोपहिया वाहन भी मिले हैं, जिनकी कीमत लगभग 14 लाख रुपये आंकी गई है।

आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया

लोकायुक्त के आकलन के मुताबिक, पाण्डेय को अपने 31 साल के पूरे सेवाकाल में वेतन के तौर पर लगभग 80 लाख रुपये मिले। इसके विपरीत, अब तक की जांच में उनके द्वारा करीब ढाई करोड़ रुपये का कुल व्यय या निवेश पाया गया है। यह उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग पौने दो करोड़ रुपये (216.35%) ज़्यादा है। फिलहाल, लोकायुक्त की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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