बालाघाट: मौसमी बीमारी की चपेट में 100 से ज़्यादा बच्चे, प्रशासन और विपक्ष के दावों में अंतर
मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले के कई गाँवों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैल गया है, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हुए हैं। प्रशासन जहाँ स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है, वहीं विधानसभा में…
मध्य प्रदेश के बालाघाट ज़िले के कई गाँवों में मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैल गया है, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हुए हैं। प्रशासन जहाँ स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है, वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बीमारी से 9 बच्चों की मौत का दावा कर चिंता बढ़ा दी है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ज़िले के बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा, अडोरी, कोरका और बोंदारी गाँवों में बच्चे बीमार हुए हैं। 13 अगस्त तक कुल 117 बच्चों को सर्दी-खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीज़ल्स, स्कैबीज़, टायफाइड और मलेरिया जैसी विभिन्न समस्याओं के चलते ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी फैलने की सूचना मिलने के बाद 12 जुलाई से ही प्रभावित गाँवों में घर-घर जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया था। 13 अगस्त तक 20 सर्वेक्षण टीमों ने 2220 लोगों की जांच की। इस दौरान मलेरिया के 190, दस्त के 98, बुखार के साथ शरीर पर दाने के 88 और चर्म रोग के 143 मरीज़ मिले। सर्वे में पाए गए कुल 519 मरीजों में से 402 का घर पर ही इलाज कर उन्हें ठीक कर दिया गया।
अस्पताल में भर्ती कराए गए 117 बच्चों में से अब तक 97 बच्चे पूरी तरह ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं। मंगलवार, 13 अगस्त को भी 4 बच्चों को छुट्टी दी गई। फिलहाल, 20 बच्चों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और प्रशासन के मुताबिक, सभी की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। प्रभावित क्षेत्रों में मरीज़ों की जांच और उन्हें अस्पताल पहुँचाने के लिए 10 चिकित्सा अधिकारियों और 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
मौतों पर प्रशासन और विपक्ष आमने-सामने
एक तरफ जहाँ प्रशासन का कहना है कि ज़्यादातर बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं और स्थिति नियंत्रण में है, वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 9 बच्चों की मौत का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। प्रशासन ने मौतों के इस दावे पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति पर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं।
इनपुट: IANS



