मध्य प्रदेश में टोरेंट ग्रुप का 43,000 करोड़ का निवेश, ऊर्जा क्षेत्र में 15,000 नौकरियों की उम्मीद
मध्य प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में टोरेंट ग्रुप 43,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रहा है, जिससे प्रदेश के 15,000 से ज्यादा…
मध्य प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में टोरेंट ग्रुप 43,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रहा है, जिससे प्रदेश के 15,000 से ज्यादा युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात कर इन निवेश योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
इस उच्चस्तरीय बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, सचिव जॉन किंसले और एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस निवेश को राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और प्रदेश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक 'मील का पत्थर' बताया।
प्रदेश में बिजली उत्पादन की प्रमुख परियोजनाएं
टोरेंट ग्रुप की यह विशाल निवेश राशि कई अलग-अलग परियोजनाओं में लगाई जा रही है, जो पारंपरिक और हरित ऊर्जा, दोनों पर केंद्रित हैं। अनूपपुर जिले में लगभग 22,000 करोड़ रुपये की लागत से 1,600 मेगावाट क्षमता की एक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित की जा रही है। इस अकेली परियोजना से 7,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। इसके लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और L&T व टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को काम भी सौंपा जा चुका है।
इसके अतिरिक्त, समूह 11,000 करोड़ रुपये के निवेश से 800 मेगावाट की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल परियोजना पर काम कर रहा है, जिससे 3,500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
हरित ऊर्जा पर भी जोर
पारंपरिक ऊर्जा के साथ-साथ, टोरेंट ग्रुप नवीकरणीय ऊर्जा में भी बड़ा निवेश कर रहा है। छिंदवाड़ा में 7,500 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 मेगावाट की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर काम चल रहा है, जिससे करीब 4,000 रोजगार के अवसर बनेंगे। वहीं, रतलाम और उज्जैन में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश से 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना भी विकसित की जा रही है, जो 500 लोगों को रोजगार देगी। गौरतलब है कि मंदसौर में समूह की 36 मेगावाट की पवन इकाई पहले से ही संचालित है।
भविष्य की जरूरतें और निवेश का न्योता
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश को 2036-37 तक 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत की आवश्यकता होगी। इसे ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार 2,800 मेगावाट क्षमता की खरीद के लिए एक पारदर्शी निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिसमें मुख्यमंत्री ने टोरेंट पावर को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। ऊर्जा के अलावा, टोरेंट ग्रुप धार के पीथमपुर में 300 करोड़ की लागत से एक फार्मा इकाई भी चला रहा है, जिसमें 400 से अधिक लोग कार्यरत हैं।
इनपुट: IANS



