आंध्र शराब परिवहन घोटाला: ED ने पूर्व मंत्री करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव को किया गिरफ्तार, 15 दिन की हिरासत
आंध्र प्रदेश के चर्चित शराब परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने पूर्व नागरिक आपूर्ति मंत्री और विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर…
आंध्र प्रदेश के चर्चित शराब परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, एजेंसी ने पूर्व नागरिक आपूर्ति मंत्री और विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव को 23 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें 24 अगस्त को हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
यह मामला आंध्र प्रदेश राज्य बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (APSBCL) में शराब परिवहन के टेंडर में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिससे सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है। ईडी ने यह जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के एक अतिरिक्त सचिव की शिकायत पर आधारित थी।
टेंडर शर्तों में हेरफेर का आरोप
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि APSBCL के शराब परिवहन टेंडर की शर्तों को जानबूझकर कुछ चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बदला गया था। एजेंसी के मुताबिक, मेसर्स सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में मेसर्स प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स जैसी कंपनियां केवल दिखावे के लिए थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इनका असली संचालन और वित्तीय नियंत्रण केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी और उनके सहयोगियों के हाथों में था।
पूर्व मंत्री की भूमिका और अवैध कमाई
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव और उनके बेटे करुमुरी सुनील कुमार ने अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर सब-कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर नियंत्रण किया और बड़ी अवैध कमाई की। उन्होंने मेसर्स सुदर्शन कंस्ट्रक्शन्स को एक डमी सब-कॉन्ट्रैक्टर के रूप में पेश किया, जबकि परिवहन का वास्तविक काम अन्य कंपनियां कर रही थीं। ईडी के अनुसार, इस कंपनी के जरिए बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाए गए और फंड को राव व उनके परिवार के निजी खातों में भेजा गया। इस पैसे का इस्तेमाल लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां खरीदने, अचल संपत्ति के लिए एडवांस भुगतान और राजनीतिक फंडिंग में किया गया।
मामले में अब तक की कार्रवाई
इस घोटाले में यह पहली गिरफ्तारी नहीं है। इससे पहले ईडी ने 11 जून को केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी और APSBCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 18 जून को करुमुरी सुनील कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। एजेंसी इस मामले में 6 अगस्त को 37.79 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क कर चुकी है और 7 अगस्त को पहली अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर कर चुकी है।
इनपुट: IANS



