सूरत: गरबा पंडालों में नवरात्रि की सुरक्षा हाई-टेक, AI कैमरे और 'शी-टीम्स' की पैनी नज़र
नवरात्रि के उल्लास के बीच सूरत में गरबा आयोजनों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने अभूतपूर्व तैयारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के व्यस्ततम डुमास रीजन में सुरक्षा का एक…
नवरात्रि के उल्लास के बीच सूरत में गरबा आयोजनों को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस ने अभूतपूर्व तैयारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के व्यस्ततम डुमास रीजन में सुरक्षा का एक बहुस्तरीय ढाँचा तैयार किया गया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लेकर महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष मोबाइल हेल्प डेस्क तक शामिल हैं।
पुलिस का मुख्य ध्यान डुमास क्षेत्र में होने वाले तीन बड़े कमर्शियल गरबा ग्राउंड और दो विशाल डोम पर केंद्रित है। डीसीपी (जोन-7) शेफाली बरवाल (आईपीएस) ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 10 से अधिक विशेष पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है, जो लगातार गश्त कर रही हैं।
तकनीक और पेट्रोलिंग का दोहरा सुरक्षा घेरा
इस वर्ष निगरानी के लिए पहली बार AI तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रमुख गरबा स्थलों पर लगे विशेष AI कैमरे सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़े हैं। इन कैमरों में 'फुट काउंट' तकनीक है, जिससे हर घंटे आयोजन स्थल में प्रवेश करने वालों की सटीक संख्या पता चलती है। यह तकनीक पुलिस को भीड़ प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेने में मदद करेगी। इसके साथ ही, पैदल, बाइक और क्रॉस पेट्रोलिंग के लिए टीमें लगातार इलाके में घूम रही हैं और औचक निरीक्षण के लिए सरप्राइज चेकिंग टीमें भी तैनात की गई हैं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सूरत पुलिस की 'शी-टीम' को पारंपरिक परिधानों में गरबा पंडालों के अंदर तैनात किया गया है। ये महिला पुलिसकर्मी छेड़छाड़ करने वालों और आपत्तिजनक वीडियो बनाने वालों पर पैनी नज़र रखती हैं। वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा में तैनात हैं।
इसके अलावा, एक नई पहल के तहत 'मोबाइल हेल्प डेस्क' शुरू किया गया है। इस व्यवस्था में दो महिला पुलिसकर्मियों की टीम बाइक पर गश्त करती है। अगर कोई बच्चा भीड़ में अपने परिवार से बिछड़ जाता है या किसी महिला को तत्काल मदद की जरूरत होती है, तो यह टीम फौरन मौके पर पहुँचकर सहायता प्रदान करती है।
अंदर और बाहर, हर जगह पुख्ता इंतज़ाम
देर रात तक चलने वाले आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा को दो हिस्सों में बाँटा गया है। एक टीम डोम के अंदर शांति व्यवस्था बनाए रखती है, जबकि दूसरी टीम बाहर यातायात प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और असामाजिक तत्वों पर नज़र रखने का काम करती है।
इनपुट: IANS



