ओडिशा सब-इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक: ED ने 12 ठिकानों पर की छापेमारी, तीन कंपनियां जांच के घेरे में
ओडिशा सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 12 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है, जिसमें तीन…
ओडिशा सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 12 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है, जिसमें तीन निजी कंपनियों और उनके निदेशकों के ठिकाने शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह छापेमारी 9, 10 और 12 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई।
ईडी की जांच में सामने आया है कि यह पेपर लीक एक सुनियोजित साजिश थी, जिसके जरिए भारी मात्रा में अवैध नकदी कमाई गई। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिवाइस और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इस मामले में मेसर्स सिलिकॉन टेकलैब प्राइवेट लिमिटेड (STPL), मेसर्स पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स पीएसआईएल इंटरनेशनल लिमिटेड ईडी की जांच के दायरे में हैं।
कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा?
यह मामला अक्टूबर 2025 में ओडिशा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से शुरू हुआ था। पुलिस ने 30 सितंबर 2025 को आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा के पास इच्छापुरम में तीन बसों को रोका था। इन बसों में एसआई भर्ती परीक्षा के 114 उम्मीदवार सवार थे। आरोप था कि 5 और 6 अक्टूबर 2025 को होने वाली परीक्षा का पेपर प्रत्येक उम्मीदवार को 15 से 30 लाख रुपये नकद के बदले में लीक किया गया था। बाद में इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था।
कंपनियों की मिलीभगत से रची गई साजिश
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) ने परीक्षा आयोजित करने का अनुबंध केंद्र सरकार के उपक्रम आईटीआई लिमिटेड को दिया था। आईटीआई लिमिटेड ने यह काम भुवनेश्वर स्थित सिलिकॉन टेकलैब प्राइवेट लिमिटेड (STPL) को सौंप दिया। ईडी ने पाया कि STPL के निदेशक सुरेश चंद्र नायक ने आईटीआई लिमिटेड की लिखित मंजूरी के बिना ही उम्मीदवारों की संवेदनशील जानकारी संभालने का काम पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया, जिसके निदेशक शंकर प्रुस्टी हैं। जांच में सामने आया कि दोनों कंपनियों ने मिलकर उम्मीदवारों से संपर्क किया और पैसे के बदले प्रश्नपत्र लीक कर दिए। गारंटी के तौर पर उम्मीदवारों के मूल प्रमाण पत्र भी ले लिए गए थे।
एक और कंपनी की संदिग्ध भूमिका
ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि सिलिकॉन टेकलैब की अधिकांश हिस्सेदारी 5 अगस्त 2023 को एक शेयर खरीद समझौते के तहत पीएसआईएल इंटरनेशनल लिमिटेड और उसके निदेशकों समीर रथ और उनकी पत्नी शाश्वती मिश्रा ने अधिग्रहित कर ली थी। हालांकि, इस समझौते को कभी भी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जमा नहीं किया गया। ईडी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



