मेघालय: खनन से 10 साल में ₹181 करोड़ जुटे, अब टिकाऊ विकास पर ज़ोर
मेघालय में पिछले एक दशक में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) ने खनन गतिविधियों से 181 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे राज्य भर में सैकड़ों विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
मेघालय में पिछले एक दशक में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) ने खनन गतिविधियों से 181 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे राज्य भर में सैकड़ों विकास परियोजनाएं पूरी की गई हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने फाउंडेशन के दस साल पूरे होने के अवसर पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खनन राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है, जो राजस्व के साथ-साथ हजारों लोगों को आजीविका भी प्रदान करता है।
बुधवार को शिलांग में आयोजित एक समारोह में, मुख्यमंत्री संगमा ने खनन के तरीकों में बदलाव की वकालत की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य वैज्ञानिक और टिकाऊ खनन की ओर बढ़े ताकि खनिज संपदा से स्थानीय समुदायों को दीर्घकालिक आर्थिक अवसर मिल सकें और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नई खनन पद्धतियों को स्थानीय परिस्थितियों और पारंपरिक सामुदायिक भूमि स्वामित्व प्रणाली को ध्यान में रखकर विकसित किया जाना चाहिए।
विकास परियोजनाएं और भविष्य की दिशा
DMF के प्रदर्शन का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में फाउंडेशन ने कुल 923 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें से 542 पूरी हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं में कक्षाओं, स्वास्थ्य केंद्रों, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क और मानसून के दौरान उपयोगी पैदल पुलों जैसे कई महत्वपूर्ण सामुदायिक बुनियादी ढांचे शामिल हैं। इसके अलावा, खनन क्षेत्रों में पर्यावरण की बहाली के लिए जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और वृक्षारोपण भी किया गया है।
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए संगमा ने कहा कि अब ध्यान सिर्फ बुनियादी ढांचे के निर्माण से आगे बढ़कर ऐसी संपत्तियां विकसित करने पर होना चाहिए जो स्थायी आय उत्पन्न करें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उद्यमों में निवेश से मेघालय को एक पुनर्जीवित अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासनों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि DMF के तहत उपलब्ध धन का प्रभावी ढंग से उपयोग हो और चल रही परियोजनाओं को बिना किसी अनावश्यक देरी के पूरा किया जाए। उन्होंने विकास पहलों का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए जिला अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय का भी आह्वान किया।
इनपुट: IANS



