गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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NCERT कमेटी में RSS से जुड़े सदस्य? शैक्षिक संस्थानों में 'एजेंडा' लागू करने का आरोप, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की राजनीति विज्ञान की नई किताब तैयार करने वाली समिति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने समिति में राष्ट्रीय…

NCERT कमेटी में RSS से जुड़े सदस्य? शैक्षिक संस्थानों में 'एजेंडा' लागू करने का आरोप, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
(फोटो: IANS)

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की राजनीति विज्ञान की नई किताब तैयार करने वाली समिति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने समिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े सदस्यों को शामिल करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह कदम शैक्षिक संस्थानों में RSS का एजेंडा शामिल करने की कोशिश है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा, "मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं है। आरएसएस-भाजपा हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जब तक हमारी सरकार वापस नहीं आती, हमें यह सब सहना होगा।"

विपक्षी नेताओं ने क्या कहा?

इस मुद्दे पर विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा कि पिछले 12 सालों से भाजपा सरकार के तहत एक पैटर्न देखा जा रहा है, चाहे वह एनसीईआरटी की किताबें हों, विश्वविद्यालय हों या इतिहास की किताबें, शैक्षिक संस्थानों में आरएसएस का एजेंडा शामिल किया जा रहा है।

वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने टिप्पणी करते हुए कहा, "अब एनसीईआरटी को आरएसएस का केंद्र कहा जाना चाहिए। देशभर के वाइस-चांसलर, प्रोफेसर और शिक्षण संस्थानों पर कब्जा किया जा रहा है। अगर मध्यकालीन इतिहास से मुगल इतिहास को हटा दिया जाए, तो फिर क्या बचेगा।"

संस्थानों पर हमले का आरोप

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और दावा किया कि भाजपा शासित मंत्रालयों में निजी सचिव (PS) भी आरएसएस का व्यक्ति होता है। उन्होंने कहा, "बोर्ड, संस्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और आयोगों के डायरेक्टर, सभी जगहों पर आरएसएस के लोग भरे पड़े हैं।" उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं कि संविधान और जनता से जुड़े संस्थानों पर हमला हो रहा है।

अन्य दलों की प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने IANS से कहा, "हम सवाल क्यों न उठाएं? आप उन्हीं लोगों और संगठनों को शामिल कर रहे हैं, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद किया है।" उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी (Gen-Z) एक ईमानदार परीक्षा प्रणाली और रोजगारपरक शिक्षा चाहती है।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, "इससे ज्यादा देश का दुर्भाग्य नहीं हो सकता है... जिन्होंने 52 साल तक तिरंगे को अपने घर पर नहीं फहराया, वे देशभक्ति का सर्टिफिकेट दे रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि RSS ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया था।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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