सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का सरकार पर चौतरफा हमला, शिक्षा बजट से लेकर धार्मिक सौहार्द तक उठाए गंभीर सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कई हालिया घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नदवी ने दिल्ली के…
समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कई हालिया घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, नदवी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से लेकर सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने और हल्द्वानी में हुए 'शुद्धिकरण' विवाद तक, कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
नदवी ने कहा कि देश को हिंदू-मुस्लिम के आधार पर बांटने की बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता आगामी चुनावों में इन सभी मुद्दों पर अपना जवाब देगी।
शिक्षा और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे का जिक्र करते हुए सपा सांसद ने बचाव कार्य में हुई कथित देरी पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री आवास से कुछ ही दूरी पर स्थित घटनास्थल पर जेसीबी और एनडीआरएफ की टीमों को पहुंचने में देर क्यों हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे हादसों को राजनीति का विषय बनाने के बजाय पीड़ित परिवारों के दर्द को समझना ज़रूरी है।
नदवी ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा और विश्वविद्यालयों के बजट में कटौती से ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के विज्ञापन खर्च पर सवाल उठाते हुए शिक्षा संस्थानों के लिए संसाधन बढ़ाने की मांग की। उनके मुताबिक, ग्रामीण छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल न होने के कारण उन्हें महंगे पीजी में रहना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
धार्मिक सौहार्द और राजनीति
सहारनपुर में एक मस्जिद को गिराए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नदवी ने कहा कि देश में नफरत की राजनीति की जगह सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा, "बुलडोजर का इस्तेमाल अगर विकास के लिए हो, तो उससे स्कूल और अस्पताल बनने चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों को विवाद का विषय बनाया जा रहा है, जो देश की साझा विरासत और विविधता के खिलाफ है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर टिप्पणी करते हुए नदवी ने आरएसएस की विचारधारा और उसके राजनीतिक प्रभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने राम मंदिर, महात्मा गांधी और बिलकिस बानो जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
सामाजिक समानता पर हमला
हल्द्वानी में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े एक कार्यक्रम स्थल के 'शुद्धिकरण' की घटना को नदवी ने सामाजिक समानता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि किसी वरिष्ठ विपक्षी नेता से जुड़े स्थल को इस तरह धोना भेदभावपूर्ण संदेश देता है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से जुड़े पुराने प्रसंगों का भी जिक्र करते हुए कहा कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में ऐसे भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



