दिल्ली में मतदाता को थप्पड़ मारने का मामला: सपा सांसद ने मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की
दिल्ली सरकार के एक मंत्री द्वारा एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने की घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक और…
दिल्ली सरकार के एक मंत्री द्वारा एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने की घटना पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक और अफसोसजनक बताते हुए संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के ऐसे आचरण पर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में बर्क ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी मतदाताओं का अपमान है जिन्होंने उस राजनीतिक दल को सत्ता में लाने के लिए वोट दिया था।
सपा सांसद ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए संबंधित मंत्री को पद से बर्खास्त करने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में किसी मतदाता के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
चुनाव आयोग और अन्य मुद्दों पर भी रखी राय
इस घटना के अलावा, जिया उर रहमान बर्क ने कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि ऐसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र के लिए बेहद ज़रूरी है। बर्क ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और आयोग की निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। एक पूर्व नौकरशाह के कथित बयान का हवाला देते हुए उन्होंने ज्ञानेश कुमार से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष और जनता की आवाज़ भी सुननी चाहिए। इसके साथ ही, आतंकवाद के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी एक धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और हर तरह के आतंकवाद व नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश गठबंधन पर क्या बोले?
आगामी चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन पर भी बर्क ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि दोनों दलों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति है, लेकिन सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। उन्होंने गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी, ताकि किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
इनपुट: IANS



