सांप काटने से हो रही मौतों पर मानवाधिकार आयोग का कड़ा रुख, राज्यों को दिए एंटी-वेनम सुनिश्चित करने के निर्देश
देश में सांप काटने से होने वाली मौतों की बढ़ती घटनाओं पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर चिंता जताई है। दो अलग-अलग मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासि…
देश में सांप काटने से होने वाली मौतों की बढ़ती घटनाओं पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर चिंता जताई है। दो अलग-अलग मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, आयोग ने कहा है कि दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में एंटी-स्नेक वेनम (सांप के ज़हर की दवा) की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पीड़ित की जान इलाज में देरी के कारण न जाए।
आयोग के प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये कदम महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हुई दो दुखद घटनाओं के बाद उठाए हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में सांप काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी, जिसने वहां के बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक व्यक्ति की जान इसलिए चली गई क्योंकि उसे समय पर एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिल पाया था।
राज्यों के लिए जारी हुए अहम निर्देश
इन मामलों को आधार बनाते हुए आयोग ने राज्यों से कहा है कि वे उन क्षेत्रों की पहचान करें जहां सांप काटने की घटनाएं सबसे ज़्यादा होती हैं। इन ‘हाई-रिस्क’ क्षेत्रों का डेटा तैयार करने और वहां पर्याप्त स्वास्थ्य व आपातकालीन सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से इन निर्देशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (Action Taken Report) भी एक तय समय के भीतर मांगी है।
छात्रावासों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
आयोग ने खासकर दूर-दराज और जंगली इलाकों में स्थित आश्रम शालाओं और अन्य आवासीय छात्रावासों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा है। निर्देश में कहा गया है कि इन छात्रावासों के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा की जाए। साथ ही, वहां रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित सोने की व्यवस्था, पर्याप्त बेड, वार्डन, कैंपस की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
इनपुट: IANS



