यूक्रेन का दावा: अब रूस के 1300 किलोमीटर भीतर तक कर रहे हैं हमले, तेल ठिकानों को बनाया निशाना
यूक्रेन ने अब युद्ध को रूस की सीमा के बहुत अंदर तक ले जाने का दावा किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने रूस के उन इलाकों में भी सफलतापूर्वक हमले किए हैं, जो अब तक…
यूक्रेन ने अब युद्ध को रूस की सीमा के बहुत अंदर तक ले जाने का दावा किया है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने रूस के उन इलाकों में भी सफलतापूर्वक हमले किए हैं, जो अब तक सुरक्षित माने जाते थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की ने कहा कि इन लंबी दूरी के हमलों का मकसद रूस की सैन्य और आर्थिक क्षमता को कमजोर करना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में जेलेंस्की ने रविवार रात की गई कार्रवाइयों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी बलों ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में एक निर्यात टर्मिनल को निशाना बनाया, जो मोर्चे से करीब 250 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा, यारोस्लावल क्षेत्र और उदमुर्त गणराज्य में तेल से जुड़ी सुविधाओं पर भी हमले किए गए।
खास तौर पर उदमुर्त गणराज्य पर हमला महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जेलेंस्की ने कहा, "हम अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना पर काम कर रहे हैं।"
रक्षा प्रणालियों की कमी और उत्पादन की चुनौती
एक अन्य पोस्ट में, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने देश की हवाई रक्षा क्षमताओं की कमी पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनके पास पीएसी-2 और पीएसी-3 जैसी मिसाइलों की पर्याप्त संख्या नहीं है, जो अमेरिका से खरीदी गई थीं। उन्होंने कहा कि रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं, जिस वजह से वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ा पा रहा है।
जेलेंस्की ने कहा, "हमें जल्द से जल्द बेहतर एयर डिफेंस की जरूरत है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मध्य पूर्व के मौजूदा हालात के कारण भी इन मिसाइलों की कमी बनी हुई है।
स्थानीय उत्पादन पर जोर
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि घरेलू उत्पादन से उन्हें ड्रोन और कई अन्य चीजों को मार गिराने में मदद मिलती है, लेकिन वे अभी भी बैलिस्टिक मिसाइलों को नहीं रोक सकते। उन्होंने बताया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने की मंजूरी दी है।
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मिसाइलें तुरंत उपलब्ध हो जाएंगी, लेकिन यूक्रेन बहुत तेजी से काम कर सकता है। उन्होंने कहा, "मैं युद्ध के शुरुआती वर्षों से ही अमेरिका और यूरोपीय देशों से लाइसेंस देने की अपील करता रहा हूं। हम उत्पादन बढ़ाएंगे और इसे अपने साझेदारों के साथ साझा भी करेंगे।"
इनपुट: IANS



