RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू, क्या ब्याज दरों में होगा कोई बदलाव?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को मुंबई में शुरू हो गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय…
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार को मुंबई में शुरू हो गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति रेपो रेट सहित अन्य नीतिगत दरों पर फैसला लेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के नतीजों की घोषणा बुधवार सुबह 10 बजे की जाएगी।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। इनमें वैश्विक अस्थिरता, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी जैसे कारक शामिल हैं। इन वैश्विक परिस्थितियों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है, जिसकी समीक्षा समिति द्वारा की जाएगी।
क्या कहते हैं विश्लेषक?
कई विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि RBI इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। उनका अनुमान है कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा जा सकता है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो तिमाहियों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यानी खुदरा महंगाई दर के 5 प्रतिशत से ऊपर रहने की आशंका है। इसके साथ ही घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत भी मिल रहे हैं, जिसके चलते दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना है।
अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घरेलू अर्थव्यवस्था के बुनियादी कारक मजबूत हुए हैं। जुलाई में देश में मजबूत पूंजी प्रवाह देखा गया, विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार हुआ है, और मानसून की बेहतर स्थिति से जलाशयों का स्तर भी लगभग सामान्य हो गया है। एसबीआई रिसर्च ने यह भी अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक रह सकती है, जो पिछले अनुमानों से बेहतर है।
इससे पहले जून में हुई MPC की बैठक में भी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था। तब केंद्रीय बैंक ने भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को संशोधित कर 6.6 प्रतिशत कर दिया था।
इनपुट: IANS



