शेयर बाज़ार की दिशा तय करेंगे ये 5 बड़े कारक, निवेशकों की नज़र अमेरिकी फेड चेयरमैन के भाषण पर
आने वाला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इसकी चाल कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से तय होगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कारोबारी…
आने वाला हफ्ता भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि इसकी चाल कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से तय होगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कारोबारी हफ्ते (17-21 अगस्त) में मुख्य सूचकांकों में गिरावट देखी गई, जिसके बाद अब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं।
बीते हफ्ते सेंसेक्स 468.42 अंक (0.60%) गिरकर 77,540.83 पर और निफ्टी 114 अंक (0.47%) फिसलकर 24,252 पर बंद हुआ था। अब बाजार का अगला रुझान कुछ प्रमुख बातों पर निर्भर करेगा।
अंतरराष्ट्रीय संकेत और फेडरल रिजर्व का रुख
सबसे बड़ा और अहम घटनाक्रम अमेरिका में होगा, जहां फेड चेयरमैन केविन वॉश 28 अगस्त को जैक्सन होल, वायोमिंग में भाषण देंगे। यह भाषण ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड ऊंचे स्तर पर हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। फेड चेयरमैन के भाषण से भविष्य में ब्याज दरों को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ेगा।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल
निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी रहेगी। ईरान ने अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाने की योजना की कड़ी आलोचना की है, जिससे दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पर संकट मंडरा रहा है। इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक संवेदनशील पहलू है।
विदेशी निवेशकों का मूड
बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भूमिका अहम होगी। पिछले हफ्ते FII ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 1,600 करोड़ रुपए की निकासी की थी। हालांकि, अगर पूरे महीने का आंकड़ा देखें तो वे अब तक 2,500 करोड़ रुपए से ज्यादा की शुद्ध खरीदारी कर चुके हैं। उनका आगे का रुख बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित करेगा।
घरेलू आर्थिक आंकड़े
अगले हफ्ते देश के औद्योगिक एवं विनिर्माण उत्पादन (Industrial & Manufacturing Production) और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के आंकड़े भी जारी होंगे। ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे, जिससे निवेशकों को फैसले लेने में मदद मिलेगी।
पिछले हफ्ते बाजार का हाल
बीते सप्ताह मुख्य सूचकांकों में भले ही बिकवाली रही हो, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.07% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.21% की अच्छी तेजी दर्ज की गई। सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी आईटी और एफएमसीजी में सबसे ज्यादा गिरावट रही, जबकि निफ्टी मेटल और रियल्टी टॉप गेनर बनकर उभरे।
इनपुट: IANS



