राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया ध्वजारोहण, नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ 2027 का हुआ आगाज़
नासिक: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को महाराष्ट्र के नासिक में पवित्र ध्वज का पूजन और ध्वजारोहण कर 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ मेला 2027' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण…
नासिक: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को महाराष्ट्र के नासिक में पवित्र ध्वज का पूजन और ध्वजारोहण कर 'नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ मेला 2027' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत के मौके पर गोदावरी नदी के तट पर स्थित रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ में विशेष समारोह आयोजित किए गए।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु ने पहले नासिक के रामकुंड में ध्वजस्तंभ और पवित्र ध्वज का पूजन किया और फिर धर्मध्वजारोहण कर महाकुंभ का आगाज़ किया। इसके बाद उन्होंने त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ में भी ध्वजस्तंभ पूजन में हिस्सा लिया और गोदा आरती की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और मंत्री गिरीष महाजन सहित विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत भी उपस्थित रहे।
राज्य के नेताओं ने बताया ऐतिहासिक पल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे एक सौभाग्य का क्षण बताते हुए लिखा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रतीक है। उन्होंने महाकुंभ को सनातन परंपरा का एक भव्य उत्सव बताया और कहा कि नासिक का गोदा घाट दिव्य ऊर्जा से जीवंत हो उठा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी एक्स पर पोस्ट किया कि वे राष्ट्रपति द्वारा किए गए ध्वज स्तंभ पूजन के साक्षी बने और इस आध्यात्मिक व मंगलमय उत्सव के आनंद में शामिल हुए। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने इस अनुभव को नासिक की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक परंपराओं को उजागर करने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि इस पल ने उनके मन को विशेष संतोष और आनंद से भर दिया।
इनपुट: IANS



