मंगलवार, 7 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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राम मंदिर ट्रस्ट: ₹3200 करोड़ की आय और व्यवस्था में बदलाव, कोषाध्यक्ष ने दी पूरी जानकारी

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने जानकारी दी है कि मंदिर निर्

राम मंदिर ट्रस्ट: ₹3200 करोड़ की आय और व्यवस्था में बदलाव, कोषाध्यक्ष ने दी पूरी जानकारी
(फोटो: IANS)

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने जानकारी दी है कि मंदिर निर्माण शुरू होने से अब तक दान और अन्य स्रोतों से करीब 3,200 करोड़ रुपये की आय हुई है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण व अन्य खर्चों के बाद ट्रस्ट के पास अभी भी लगभग 1,800 करोड़ रुपये की राशि शेष है।

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स्वामी गोविंद देव गिरि ने हाल के विवादों के बाद व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि एक त्रुटिरहित और प्रभावी प्रणाली बनाना ज़रूरी है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो। इसी क्रम में, मंदिर प्रबंधक के पद पर भी बदलाव किया गया है। गोपाल राव को सूचित कर दिया गया है कि अब वे यह ज़िम्मेदारी नहीं संभालेंगे।

कार्यशैली पर सवाल, चरित्र पर नहीं

ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय के विषय पर स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई उनके काम करने के तरीके को लेकर हुई है, न कि उनके चरित्र को लेकर। उन्होंने कहा, "अगर कोई चंपत राय पर आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाता है, तो मैं इसे सही नहीं मानता।" स्वामी गोविंद देव गिरि के अनुसार, चंपत राय को उनकी कार्यशैली में सुधार के लिए कई बार सलाह दी गई थी, लेकिन कुछ कमियां उनके काम का हिस्सा थीं, जिन्हें उनके चरित्र से जोड़ना उचित नहीं है।

पारदर्शिता और भविष्य की दिशा

कोषाध्यक्ष ने स्वीकार किया कि हाल की घटनाओं से लोगों में कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी, जिसे अब दूर किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और ट्रस्ट पहले की तरह बेहतर ढंग से काम करेगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए चढ़ावा चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे। स्वामी गोविंद देव गिरि ने यह भी कहा कि किसी भी संस्था को मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर फैसलों और कार्यप्रणाली की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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