मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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‘पेपर लीक बिल छात्रों के भविष्य के प्रति मोदी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण’: लोकसभा में बोलीं बांसुरी स्वराज

लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने इसका पुरजोर समर्थन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस…

‘पेपर लीक बिल छात्रों के भविष्य के प्रति मोदी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण’: लोकसभा में बोलीं बांसुरी स्वराज
(फोटो: IANS)

लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा के दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने इसका पुरजोर समर्थन किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने इस विधेयक को न केवल एक कानून, बल्कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और इसे छात्रों के भविष्य के प्रति मोदी सरकार की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रमाण करार दिया।

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सदन में अपनी बात रखते हुए स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक को एक घोर अपराध बता चुके हैं और यह विधेयक उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की है।

संगठित माफिया और मजबूत कानून की जरूरत

बांसुरी स्वराज ने इस बात पर जोर दिया कि आज परीक्षा माफिया एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा है, जिससे निपटने के लिए एक मजबूत कानून की सख्त जरूरत थी। उन्होंने कहा कि यह विधेयक न्यायिक प्रक्रिया में आने वाली कई व्यावहारिक कठिनाइयों को भी दूर करने में सहायक होगा। एक वकील के तौर पर उन्होंने इस बात का विशेष जिक्र किया कि कानून के तहत केंद्र सरकार को जांच के लिए टास्क फोर्स बनाने का अधिकार दिया गया है, जो एक प्रभावी कानूनी व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को बधाई दी।

विपक्ष पर साधा निशाना

चर्चा के दौरान बांसुरी स्वराज ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर बहस राजनीतिक नैरेटिव के बजाय तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि विपक्ष अक्सर आरोपियों की जमानत को लेकर सरकार पर आरोप लगाता है, जबकि जमानत देना या न देना स्वतंत्र न्यायपालिका का काम है, सरकार का नहीं।

स्वराज ने यूपीए शासनकाल के साथ-साथ राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हुए पेपर लीक व भर्ती घोटालों का हवाला देते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने हाल ही में पंजाब में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में हाई-टेक ब्लूटूथ तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया, "अगर यह सिद्धांतों की लड़ाई है, तो सरकार बदलते ही सिद्धांत कैसे बदल जाते हैं?" और पूछा कि क्या कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा है।

सभी दलों से समर्थन की अपील

अपने संबोधन के अंत में, बांसुरी स्वराज ने प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र "डिटेक्ट, डिसाइड एंड डिलिवर" का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पेपर लीक माफिया को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सदन के सामूहिक संकल्प से बड़े नहीं हैं। उन्होंने सभी सांसदों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की ताकि देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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