राम जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक: SIT जांच, CEO की नियुक्ति और वित्तीय पारदर्शिता पर होगी चर्चा
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें कथित अनियमितताओं की SIT जांच से लेकर संगठन को मजबूत करने के लिए एक
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें कथित अनियमितताओं की SIT जांच से लेकर संगठन को मजबूत करने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति जैसे विषय शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य ट्रस्ट के कामकाज की समीक्षा करना और जनता का विश्वास बनाए रखना है।
बैठक के एजेंडे में हाल ही में इस्तीफा देने वाले दो ट्रस्टियों के त्यागपत्र पर चर्चा भी शामिल है। इसके अलावा, वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरणों की भी समीक्षा की जाएगी। आर.पी. सिंह ने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट इन मुद्दों पर उचित निर्णय लेकर अपनी विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।
विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर आर.पी. सिंह की टिप्पणी
ट्रस्ट की बैठक के अलावा, आर.पी. सिंह ने कई अन्य राजनीतिक सवालों पर भी अपनी राय रखी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपेक्षा करता हूं कि आप जरूर दर्शन करें। आपको तो जब स्थापना हुई थी तब भी बुलाया गया था। आप तब भी नहीं गए और आपके नेता भी वहां नहीं जा रहे, तो आपको दूसरों पर प्रश्न उठाने का कोई अधिकार ही नहीं है।"
बंगाल में UCC और पंजाब चुनाव पर रुख: पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की चर्चा पर उन्होंने इसे सभी नागरिकों, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा देने वाला एक सकारात्मक कदम बताया। वहीं, पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने पार्टी का रुख साफ करते हुए कहा कि भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड पर क्या कहा?
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में पहली बार किसी हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए आर.पी. सिंह ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वक्फ संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल समाज के जरूरतमंदों, जैसे गरीब मुसलमानों, विधवाओं, बच्चों और अनाथों की शिक्षा व देखभाल के लिए होना चाहिए।
इनपुट: IANS



