रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का श्रीलंका दौरा संपन्न, L-70 तोप समेत कई अहम रक्षा समझौतों पर बनी बात
भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा पूरी कर लौट आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे को…
भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मज़बूत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा पूरी कर लौट आए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरे को सफल और उपयोगी बताते हुए सिंह ने कहा कि इससे दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को नई गति मिली है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
इनमें सबसे अहम समझौता श्रीलंकाई वायुसेना की L-70 तोपों के अपग्रेडेशन से जुड़ा है। इसके अलावा, दोनों देशों के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने के लिए भी दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। राजनाथ सिंह ने बताया कि श्रीलंकाई वायुसेना और नौसेना को जरूरी कल-पुर्जों की आपूर्ति भी की गई है।
बुनियादी ढांचा और मानवीय सहायता
इस दौरे पर रक्षा मंत्री ने श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने वर्चुअली तीन बेली पुलों का उद्घाटन भी किया, जिन्हें भारतीय सेना के इंजीनियरों ने कुरुनेगला और बट्टिकलोआ में बनाया है। ये पुल चक्रवात 'दित्वाह' में क्षतिग्रस्त हो गए थे और इन्हें भारत द्वारा घोषित 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता के तहत तैयार किया गया है।
उच्च स्तरीय बैठकें और सांस्कृतिक जुड़ाव
अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की। कोलंबो में उनकी भेंट श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट दिग्गजों अरविंदा डी सिल्वा, सनथ जयसूर्या और चामिंडा वास से भी हुई। उन्होंने कहा कि भारत में भी लाखों लोग इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हैं।
रक्षा मंत्री की यात्रा के साथ ही भारत में निर्मित बहुउद्देश्यीय स्टील्थ फ्रिगेट युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि भी कोलंबो पहुंचा, जिस पर आयोजित एक डेक रिसेप्शन में उन्होंने हिस्सा लिया। अपनी यात्रा के अंत में उन्होंने नुवारा एलिया जिले में स्थित सीता अम्मन मंदिर (अशोक वाटिका) का दौरा कर पूजा-अर्चना भी की। सिंह ने विश्वास जताया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
इनपुट: IANS



