रेलवे भर्ती पेपर लीक: CBI ने बेंगलुरु से दो मुख्य सरगनाओं को किया गिरफ्तार, 4 दिन की हिरासत में भेजे गए
साउथ वेस्टर्न रेलवे की भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस रैकेट के दो मुख्य आरोपियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। समा
साउथ वेस्टर्न रेलवे की भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस रैकेट के दो मुख्य आरोपियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन दोनों पर 'गुड्स ट्रेन मैनेजर' पद के लिए 2022 में हुई विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (GDCE) का प्रश्नपत्र लीक करने और उसे चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का आरोप है।
गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों को इस संगठित धांधली का मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) माना जा रहा है। सीबीआई के मुताबिक, इन दोनों को 3 जुलाई को बेंगलुरु में पकड़ा गया और 4 जुलाई को एक सक्षम अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पूछताछ के लिए उन्हें चार दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
छापेमारी और बरामदगी
इस मामले में सीबीआई ने पहले ही 23 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में FIR दर्ज की थी। यह केस साउथ वेस्टर्न रेलवे द्वारा की गई शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, एजेंसी ने आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की, जहाँ से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
बरामद सामान में स्कैनर, प्रिंटर और अन्य डिवाइस शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर प्रश्न पत्र की प्रतियां बनाने और धांधली को अंजाम देने में किया गया था। इसके अतिरिक्त, परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड और कई उम्मीदवारों का ब्योरा भी मिला है।
जांच का अगला चरण
सीबीआई ने कहा है कि जांच में ऐसे ठोस सबूत मिले हैं जो इन दोनों गिरफ्तार आरोपियों को सीधे तौर पर पेपर लीक की साजिश से जोड़ते हैं। अब एजेंसी इनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल था, कितने अभ्यर्थियों को इसका फायदा मिला और इस धांधली के लिए कितने पैसों का लेनदेन हुआ। जब्त किए गए उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।
इनपुट: IANS



